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April 14, 2026

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CG BREAKING : वेदांता पावर प्लांट में भीषण हादसा’ बॉयलर फटने से कई मौतें, 30 से ज्यादा घायल

सक्ती, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में दर्दनाक घटना सामने आई है। मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को नियमित कार्य के दौरान प्लांट का बॉयलर अचानक भीषण विस्फोट के साथ फट गया। इस औद्योगिक हादसे में कई श्रमिकों की मौके पर ही मौत होने की खबर है, जबकि 30 से अधिक कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए हैं। धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी गूँज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे पूरे परिसर और आसपास के गांवों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और एम्बुलेंस की टीमें मौके पर पहुँच गई हैं और घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।

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काम के दौरान हुआ अचानक विस्फोट

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय जब प्लांट में कर्मचारी अपनी शिफ्ट में तैनात थे, तभी बॉयलर सेक्शन में तकनीकी खराबी के कारण तेज धमाका हुआ। वेदांता पावर प्लांट में दर्दनाक घटना के बाद वहां आग की लपटें और धुएं का गुबार देखा गया। धमाके की चपेट में आने से कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की स्थिति बेहद नाजुक बताई जा रही है। घायलों को सक्ती और जरूरत पड़ने पर रायगढ़ व बिलासपुर रेफर करने की तैयारी की जा रही है।

प्लांट परिसर में मची अफरा-तफरी

हादसे के तुरंत बाद प्लांट के सुरक्षा अलार्म बजने लगे और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि, बॉयलर के पास काम कर रहे लोग सीधे तौर पर विस्फोट की चपेट में आ गए। प्लांट प्रबंधन और स्थानीय अधिकारियों द्वारा राहत कार्यों की निगरानी की जा रही है। घटना के बाद से ही श्रमिकों के परिजनों की भीड़ प्लांट गेट पर जमा होने लगी है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस बड़े औद्योगिक हादसे ने प्लांट के भीतर सुरक्षा मानकों और रखरखाव की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वेदांता पावर प्लांट में दर्दनाक घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय टीम गठित किए जाने की संभावना है। प्रारंभिक तौर पर इसे बॉयलर के भीतर दबाव (प्रेशर) बढ़ने या तकनीकी खराबी से जोड़कर देखा जा रहा है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम भी जल्द ही घटनास्थल का निरीक्षण कर सकती है।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया

सक्ती जिला प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा है। पुलिस ने फिलहाल प्लांट के प्रभावित हिस्से को सील कर दिया है ताकि साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न हो और रेस्क्यू ऑपरेशन बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके। मरने वालों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि पोस्टमार्टम और पहचान प्रक्रिया के बाद ही की जाएगी।

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