बिलासपुर: बिलासपुर के मित्तल फर्नीचर फैक्ट्री में एक भयानक अग्निकांड हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में 10 हजार लीटर तारपीन तेल का बिना अनुमति भंडारण किया गया था।
आग लगने के समय फैक्ट्री में फायर-सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सुरक्षा मानक केवल कागजों तक सीमित थे और वास्तविकता में कर्मचारियों और सामग्री की सुरक्षा के लिए कोई ठोस उपाय नहीं थे।
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति का गठन किया है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से सिर्फ मानव जीवन ही नहीं, बल्कि संपत्ति और उद्योग की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है।

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