गर्मी के बीच डिजिटल सुनवाई पर जोर
हाईकोर्ट प्रशासन ने साफ किया है कि छुट्टियों के दौरान अनावश्यक रूप से कोर्ट परिसर में भीड़ कम की जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई होने से न केवल समय बचेगा, बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से मिले दिशा-निर्देशों के बाद यह कदम उठाया गया है।
बिलासपुर में इन दिनों दोपहर की गर्मी तेज हो चुकी है। कोर्ट आने वाले अधिवक्ताओं और पक्षकारों को लंबी यात्रा करनी पड़ती थी। कई लोग सुबह से शाम तक इंतजार में बैठे रहते थे। नई व्यवस्था से उन्हें बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, आवश्यक मामलों की सुनवाई प्राथमिकता से की जाएगी। जिन मामलों में फिजिकल उपस्थिति जरूरी नहीं होगी, उन्हें ऑनलाइन मोड में सुना जाएगा। हाईकोर्ट प्रशासन तकनीकी व्यवस्था को भी मजबूत करने में जुटा है ताकि सुनवाई के दौरान किसी तरह की दिक्कत न आए।
वकीलों और पक्षकारों को मिलेगी राहत
नई व्यवस्था से सबसे ज्यादा फायदा दूरस्थ जिलों से आने वाले लोगों को होगा। कई बार एक छोटी सुनवाई के लिए सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था। अब मोबाइल, लैपटॉप या वीडियो लिंक के जरिए सीधे जुड़ना संभव होगा। कोर्ट परिसर में भी इस फैसले को लेकर चर्चा तेज है। अधिवक्ताओं का मानना है कि इससे समय और संसाधन दोनों की बचत होगी। गर्मी के मौसम में यात्रा का दबाव कम होने से कामकाज ज्यादा व्यवस्थित तरीके से चल सकेगा। दोपहर के वक्त कोर्ट परिसर के बाहर तपती सड़कें और गर्म हवा लोगों को परेशान कर रही हैं। ऐसे माहौल में ऑनलाइन सुनवाई का फैसला व्यावहारिक माना जा रहा है।

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