Bangladesh Hindu Murder नई दिल्ली/ढाका: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला राजधानी ढाका से महज 50 किलोमीटर दूर नरसिंगदी (Narsingdi) से सामने आया है, जहाँ एक 23 वर्षीय हिंदू युवक, चंचल चंद्र भौमिक, की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में रह रहे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गराज में सोते समय लगाई आग
मृतक चंचल चंद्र भौमिक नरसिंगदी के लक्ष्मीपुर गांव का निवासी था और खानाबाड़ी मस्जिद के पास एक बाजार में स्थित गराज में काम करता था। शुक्रवार की रात, रोज की तरह काम खत्म करने के बाद वह गराज में ही सो गया था। आधी रात को किसी अज्ञात हमलावर ने गराज को आग के हवाले कर दिया।
गराज में पेट्रोल और इंजन ऑयल जैसे ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। धुएं से दम घुटने और बुरी तरह जलने के कारण चंचल की मौके पर ही मौत हो गई।
CCTV में कैद हुआ हत्यारा
पुलिस को जांच के दौरान गराज के पास लगे एक CCTV कैमरे की फुटेज मिली है। वीडियो में एक संदिग्ध व्यक्ति स्पष्ट रूप से गराज में आग लगाते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की पहचान करने के लिए आसपास के इलाकों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
अल्पसंख्यकों पर हमलों का सिलसिला जारी
जुलाई 2024 में बांग्लादेश में भड़की तख्तापलट की हिंसा के बाद से ही हिंदू समुदाय लगातार निशाने पर है। हाल के हफ्तों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं:
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गाजीपुर: भीड़ द्वारा एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या।
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सिलहट: एक हिंदू परिवार के घर को आग के हवाले किया गया।
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फेनी: एक हिंदू ऑटो रिक्शा चालक की चाकू मारकर सरेआम हत्या।
आंकड़ों में बांग्लादेशी हिंदू
2022 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश में हिंदुओं की जनसंख्या लगभग 1 करोड़ 30 लाख है, जो कुल आबादी का मात्र 7.95% है। हालिया राजनीतिक अस्थिरता के बाद से इस आबादी के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

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