जितिया व्रत का पारण इस वर्ष 15 सितंबर 2025 को किया जाएगा। यह व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, सुख और समृद्धि के लिए रखती हैं। इसमें महिलाएं 24 घंटे से भी अधिक समय तक निर्जला उपवास रखती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, 15 सितंबर को देर रात 03:06 बजे अष्टमी तिथि समाप्त होगी। चूंकि जितिया व्रत का पारण नवमी तिथि को किया जाता है, इसलिए व्रती 15 सितंबर की सुबह सूर्योदय के बाद पारण कर सकती हैं।
पारण विधि (Jitiya Vrat 2025 Paran Vidhi)
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पूजा-पाठ : पारण से पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान जीमूतवाहन, शिव और माता पार्वती की पूजा करें।
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दही और जल का सेवन : सबसे पहले एक चुटकी नमक के साथ दही और जल ग्रहण करना चाहिए, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है।
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हल्का भोजन : इसके बाद खीरा, चावल, चना दाल और रोटी जैसे सात्विक आहार लिया जा सकता है। तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए।
पारण का मुख्य भोजन
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नोनी का साग : पारण में नोनी का साग खाने का विशेष महत्व है। इसे शुभ और सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है।
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खीर : खीर पारण का अहम हिस्सा है। इसे शुभता और पूर्णता का प्रतीक माना जाता है।
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दही-चूड़ा : दही-चूड़ा का सेवन भी पारंपरिक रूप से किया जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

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