छत्तीसगढ़ सरकार ने आम जनता की सुविधा और पंजीयन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए पंजीयन विभाग में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर विगत वित्तीय वर्ष के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि विभाग ने वर्ष 2024-25 में कुल 2979 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। इस मौके पर मंत्री ने नागरिकों को बेहतर सेवा देने के उद्देश्य से 10 नई सुविधाओं की घोषणा की।
1. आधार आधारित प्रमाणीकरण सुविधा
अब संपत्ति रजिस्ट्रेशन के समय पक्षकारों की पहचान दो गवाहों के बजाय उनके आधार कार्ड से बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से की जाएगी। इससे संपत्ति में फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी की घटनाओं पर रोक लगेगी। वास्तविक मालिक की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और अदालतों के अनावश्यक मुकदमे भी घटेंगे।
2. ऑनलाइन सर्च एवं डाउनलोड सुविधा
संपत्ति खरीदने से पहले खरीदार अब घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से रजिस्ट्री दस्तावेजों का निरीक्षण कर सकेंगे। खसरा नंबर के जरिए संपत्ति का पिछला रिकॉर्ड देखा जा सकता है और निर्धारित शुल्क देकर उसकी प्रति डाउनलोड भी की जा सकेगी। इससे नागरिकों को रजिस्ट्री ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और धोखाधड़ी से बचाव होगा।
3. भारमुक्त प्रमाण पत्र की सुविधा
संपत्ति खरीदने से पहले यह जानना जरूरी है कि वह किसी बंधक या ऋण से मुक्त है या नहीं। अब ऑनलाइन आवेदन कर भारमुक्त प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा सकेगा। यह सुविधा खरीदारों को अधिक भरोसे के साथ संपत्ति खरीदने में मदद करेगी।
4. एकीकृत कैशलेस भुगतान सुविधा
अब स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क का भुगतान नकद के बजाय डिजिटल माध्यम जैसे क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या यूपीआई से किया जा सकेगा। दोनों शुल्क एक साथ भुगतान करने की सुविधा से नागरिकों और विभाग दोनों को कैश हैंडलिंग की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
5. व्हाट्सएप मैसेज सेवा
रजिस्ट्री प्रक्रिया की हर अवस्था की जानकारी अब पक्षकारों को व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से दी जाएगी। आवेदन प्रस्तुत करने से लेकर स्लॉट बुकिंग, पंजीकरण प्रगति और पूर्ण होने तक हर सूचना रियल टाइम में उपलब्ध होगी, जिससे नागरिकों को लगातार अपडेट मिलते रहेंगे।
6. डिजीलॉकर सुविधा
अब पंजीकृत दस्तावेजों को भारत सरकार के डिजीलॉकर प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखा जाएगा। इससे नागरिकों को विभिन्न सेवाओं में दस्तावेज की आवश्यकता होने पर रजिस्ट्री कार्यालय जाने की बजाय डिजीलॉकर से सीधा एक्सेस मिल सकेगा।
7. ऑटो डीड जनरेशन सुविधा
डीड राइटर या स्टांप वेंडर के पास जाने की आवश्यकता अब समाप्त हो जाएगी। विलेख प्रारूप का चयन कर कंप्यूटर पर डाटा प्रविष्टि करते ही दस्तावेज स्वतः तैयार हो जाएगा और उप-पंजीयक के पास ऑनलाइन प्रस्तुत होगा। रजिस्ट्री के बाद दस्तावेज तुरंत ऑनलाइन उपलब्ध होगा।
8. डिजी-डॉक्यूमेंट सुविधा
आम नागरिक अब ऑनलाइन माध्यम से डिजिटल स्टाम्प के साथ शपथ पत्र, अनुबंध पत्र जैसे दस्तावेज स्वयं तैयार कर सकेंगे। इससे कानूनी दस्तावेज तैयार करने में आने वाली कठिनाइयाँ दूर होंगी और प्रक्रिया सरल बनेगी।
9. घर बैठे रजिस्ट्री सुविधा
पंजीयन प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस बनाते हुए नागरिक अब घर बैठे दस्तावेज तैयार कर पंजीयन करा सकेंगे। स्टांप खरीदने, अपॉइंटमेंट लेने और रजिस्ट्री के लिए व्यक्तिगत उपस्थिति की अनिवार्यता समाप्त हो जाएगी, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होगी।
10. स्वतः नामांतरण सुविधा
पंजीयन के बाद संपत्ति का नामांतरण अब स्वतः राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में हो जाएगा। इसके लिए पंजीयन विभाग, राजस्व विभाग और एनआईसी के बीच तकनीकी समन्वय स्थापित किया गया है। इससे नामांतरण में महीनों लगने वाले समय से मुक्ति मिलेगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
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मंत्री ओपी चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी सुधारों को पूरी गंभीरता और तत्परता से लागू करें तथा आम जनता को इनका लाभ दिलाने के लिए प्रचार-प्रसार भी बढ़ाएं। सभी पंजीयन कार्यालयों में फ्लैक्स और बैनर के माध्यम से लोगों को नई सुविधाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। इन नवाचारों के जरिये छत्तीसगढ़ का पंजीयन विभाग देश में तकनीकी सुधारों का एक आदर्श उदाहरण बनने की ओर बढ़ रहा है।
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