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माओवादियों के प्रेशर IED में विस्फोट’ बीजापुर में दो नाबालिग घायल, पर्यटक दल का सदस्य भी चपेट में आया

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में माओवादियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की चपेट में आने से दो अलग-अलग घटनाओं में दो नाबालिग घायल हो गए। घटना जिले के उसूर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। घायलों में एक सुकमा जिले से पर्यटन स्थल घूमने आए दल का सदस्य है, जबकि दूसरा स्थानीय ग्रामीण है, जो मवेशी चराने के दौरान विस्फोटक की चपेट में आ गया।

नीलम सराई जलप्रपात घूमने आया था पर्यटक दल

जानकारी के अनुसार, सुकमा जिले से कुछ लोग बीजापुर के नीलम सराई जलप्रपात घूमने पहुंचे थे। इसी दौरान पर्यटक दल का एक नाबालिग सदस्य जंगल क्षेत्र में मौजूद माओवादी प्रेशर IED की चपेट में आ गया। विस्फोट होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल युवक को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

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घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया। इसके बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और आसपास के क्षेत्र की जांच शुरू की गई।

मवेशी चराने गया ग्रामीण भी हुआ घायल

दूसरी घटना भी उसी थाना क्षेत्र में सामने आई। बताया जा रहा है कि एक ग्रामीण नाबालिग मवेशी चराने के लिए जंगल की ओर गया था। इसी दौरान उसका पैर जमीन में दबे प्रेशर IED पर पड़ गया, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ और वह घायल हो गया।

ग्रामीणों की मदद से उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। दोनों घटनाओं के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

सुरक्षाबलों ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन

घटनाओं के बाद सुरक्षा बलों ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। जवान जंगलों और संवेदनशील इलाकों में छानबीन कर रहे हैं, ताकि अन्य विस्फोटकों का पता लगाया जा सके और किसी बड़ी घटना को रोका जा सके।

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, नक्सली अक्सर सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जंगलों और आवाजाही वाले रास्तों पर IED लगा देते हैं। कई बार ग्रामीण और आम लोग भी इसकी चपेट में आ जाते हैं।

माओवादियों की साजिश से आम लोग बन रहे निशाना

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि माओवादियों द्वारा लगाए गए ऐसे विस्फोटक आम नागरिकों के लिए भी बड़ा खतरा बनते हैं। जंगल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीण और वहां आने वाले पर्यटक कई बार अनजाने में इनकी चपेट में आ जाते हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि संवेदनशील और जंगल क्षेत्रों में जाते समय सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा बलों को दें।

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