Monsoon Session 2026: संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रहा है। सत्र से पहले केंद्र सरकार और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति तेज कर दी है। जहां विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है, वहीं मोदी सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को संसद से पारित कराने की योजना बना रही है। इसी बीच उन बिलों की सूची सामने आई है जिन्हें सरकार इस मॉनसून सत्र में पेश कर सकती है।
मॉनसून सत्र में पेश हो सकते हैं ये 5 नए बिल
सरकार लोकसभा में निम्नलिखित पांच नए विधेयक पेश करने पर विचार कर रही है—
- इनकम-टैक्स (संशोधन) बिल, 2026 – अध्यादेश के स्थान पर नया कानून लाने के लिए।
- सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन बिल, 2026 – सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा संशोधन।
- जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल, 2026 – पंजीकरण व्यवस्था में बदलाव से संबंधित प्रस्ताव।
- राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) बिल, 2026 – राष्ट्रीय प्रतीकों और सम्मान से जुड़े कानून में संशोधन।
- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विकास (संशोधन) बिल, 2026 – MSME क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रस्तावित संशोधन।
इन पुराने बिलों पर भी हो सकती है चर्चा
सरकार दो पहले से लंबित विधेयकों पर भी आगे की कार्रवाई कर सकती है—
- विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन बिल, 2026, जिसे 25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश किया गया था।
- विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल, 2025, जिसे 15 दिसंबर 2025 को लोकसभा में पेश कर संयुक्त समिति (JPC) के पास भेजा गया था।
सरकार की रणनीति पर होगी अहम बैठक
मॉनसून सत्र से पहले शुक्रवार सुबह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों के समूह (Group of Ministers) की अहम बैठक आयोजित होने वाली है। बैठक में संसद के आगामी सत्र की रणनीति, विधायी एजेंडा और विपक्ष के संभावित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
विपक्ष भी कर रहा है तैयारी
दूसरी ओर कांग्रेस समेत विपक्षी दल भी मॉनसून सत्र को लेकर सक्रिय हो गए हैं। विपक्ष 19 जुलाई को बैठक करेगा, जिसमें संसद में उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों और सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा होगी। विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और अन्य जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।
20 जुलाई से शुरू होगा मॉनसून सत्र
संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होगा। इस दौरान सरकार कई अहम विधेयकों को पारित कराने की कोशिश करेगी, जबकि विपक्ष विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में रहेगा। ऐसे में इस बार का मॉनसून सत्र राजनीतिक और विधायी दोनों दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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