NEET UG 2026 : परीक्षा रद्द’ पेपर लीक मामले की जांच अब CBI के पास, जल्द जारी होगी नई तारीख
धुएं और धूल पर अब सीधा प्रहार
रायगढ़ का औद्योगिक इलाका लंबे समय से प्रदूषण को लेकर चर्चा में रहा है। सुबह की हल्की धुंध और हवा में उड़ती राख को लेकर स्थानीय लोग कई बार शिकायत दर्ज करा चुके हैं। इस बार पर्यावरण विभाग ने सिर्फ चेतावनी देकर मामला नहीं छोड़ा। टीमों ने लगातार निरीक्षण किया। रिकॉर्ड जांचे गए। फिर कार्रवाई हुई।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जिन उद्योगों पर कार्रवाई की गई, उनमें कई इकाइयों ने उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं किया। कुछ जगहों पर डस्ट कंट्रोल सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा था, जबकि कई यूनिट्स में प्रदूषण नियंत्रण उपकरण तय क्षमता के अनुसार संचालित नहीं मिले। कार्रवाई के दौरान 25 उद्योगों पर कुल 79 लाख रुपये से ज्यादा की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई। अधिकारियों ने साफ कहा कि आने वाले महीनों में निरीक्षण और तेज होगा। नियम तोड़ने वाले उद्योगों के खिलाफ उत्पादन रोकने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
स्थानीय लोगों ने भी महसूस किया असर
औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास रहने वाले कई लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में हवा की स्थिति पहले से थोड़ी बेहतर महसूस हुई है। शाम के समय पहले जहां धूल की मोटी परत दिखाई देती थी, अब उसमें कुछ कमी आई है। हालांकि लोगों ने यह भी कहा कि निगरानी लगातार जारी रहनी चाहिए। एक स्थानीय व्यापारी ने बताया कि गर्म हवाओं के बीच भी इस बार धुएं की तीखी गंध पहले जैसी नहीं रही। “रात में फैक्ट्री एरिया से निकलने वाला धुआं कम दिख रहा है। अगर यही सख्ती बनी रही तो फर्क साफ दिखेगा,” उन्होंने कहा।

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