अब कचरा प्रबंधन पर होगी सीधी निगरानी
सरकार ने साफ कर दिया है कि शहरों में फैले कचरे, खुले में डंपिंग और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर अब ढिलाई नहीं चलेगी। मंत्रालय से जारी परिपत्र में कहा गया है कि स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत जिला स्तरीय समितियां इस काम की निगरानी करेंगी। इन समितियों की जिम्मेदारी खुद कलेक्टरों के पास रहेगी।
गर्मियों की तेज धूप में शहरों के कई हिस्सों से उठती बदबू और खुले कचरा ढेर अक्सर लोगों की परेशानी बढ़ाते रहे हैं। सुबह-सुबह सफाई वाहनों के पीछे दौड़ते लोग और सड़क किनारे जमा गीला कचरा अब प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। सरकार चाहती है कि कचरे का वैज्ञानिक निपटान जमीन पर दिखाई दे, सिर्फ फाइलों में नहीं। नियमों के तहत घर-घर से कचरा पृथक्करण, सूखे और गीले कचरे की अलग प्रोसेसिंग, प्लास्टिक वेस्ट कंट्रोल और डंपिंग यार्ड प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिन निकायों में व्यवस्था कमजोर मिलेगी, वहां जवाबदेही तय की जाएगी।
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार ने जिला कलेक्टरों से कहा है कि वे स्थानीय निकायों के साथ समन्वय बनाकर परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करें। कई शहरों में मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी, कंपोस्ट प्लांट और ट्रांसफर स्टेशन की प्रगति भी अब सीधे मॉनिटर की जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आने वाले महीनों में शहरी क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन को लेकर विशेष अभियान चलाया जा सकता है। इसमें वार्ड स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम भी शामिल होंगे।

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