क्या हुआ सदन के भीतर
दोपहर करीब 2 बजे प्रश्नकाल के बाद जैसे ही राहुल गांधी बोलने के लिए खड़े हुए, विपक्षी बेंचों से समर्थन में नारेबाजी शुरू हो गई। राहुल ने कहा कि उन्हें अपनी बात रखने दी जाए और उन्होंने सेना से जुड़े एक लेख का जिक्र किया। स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि अप्रमाणित या असंसदीय सामग्री सदन में प्रदर्शित नहीं की जा सकती।
इसी दौरान कुछ विपक्षी सांसद वेल में आ गए। कागज़ उछाले गए। सदन का माहौल और गरम हो गया।
पेपर उछालने पर कार्रवाई
स्पीकर ने हंगामे को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए पेपर उछालने और वेल में आने वाले 8 विपक्षी सांसदों को निलंबित करने की घोषणा की। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सरकार और विपक्ष आमने-सामने
सत्तापक्ष ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जानबूझकर सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर संसदीय मर्यादा तोड़ रहे हैं। वहीं विपक्ष का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका जा रहा है और अहम सवालों से ध्यान हटाया जा रहा है।
आधिकारिक बयान
“सदन नियमों से चलता है। किसी भी सदस्य को नियमों के बाहर दस्तावेज़ दिखाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।” — लोकसभा सचिवालय सूत्र
आगे क्या
लगातार दूसरे दिन हंगामे के बाद संसद का माहौल और टकरावपूर्ण हो गया है। विपक्ष ने निलंबन को अलोकतांत्रिक बताते हुए विरोध जारी रखने के संकेत दिए हैं। सरकार की ओर से साफ किया गया है कि कार्यवाही नियमों के अनुसार ही चलेगी।

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