नई दिल्ली|ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रेय लेने की होड़ तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब चीन ने भी बड़ा दावा करते हुए कहा है कि भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रुकवाने में उसकी अहम भूमिका रही।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिस चीन पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को हथियार सप्लाई करने के आरोप लगे थे, वही अब खुद को शांति दूत के रूप में पेश कर रहा है। चीन ने कहा कि उसके कूटनीतिक प्रयासों के कारण ही दोनों देशों के बीच हालात नियंत्रण में आए।
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इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 से अधिक बार सार्वजनिक मंचों से यह दावा कर चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और युद्ध की स्थिति को उन्होंने रुकवाया था। अब चीन के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
हालांकि भारत सरकार शुरू से ही इस बात को स्पष्ट करती रही है कि भारत-पाकिस्तान के बीच किसी भी तरह के सीजफायर या बातचीत में किसी तीसरे देश की मध्यस्थता नहीं रही है। भारत का रुख हमेशा यह रहा है कि दोनों देशों के मुद्दे द्विपक्षीय हैं और इन्हें आपसी बातचीत से ही सुलझाया जाएगा।

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