बीजापुर।
शासन की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति और “नियत नेल्ला नार” योजना से प्रभावित होकर कुल 22 कुख्यात नक्सलियों ने 8 अप्रैल को आत्मसमर्पण किया। इन नक्सलियों ने डीआईजी सीआरपीएफ बीजापुर देवेंद्र सिंह नेगी और पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में पीएलजीए बटालियन नंबर 1 के सदस्य, तेलंगाना स्टेट कमेटी (TSC) अंतर्गत CRC कंपनी नंबर 2 के सदस्य, ACM, मिलिशिया डिप्टी कमांडर, मिलिशिया सदस्य, KAMS उपाध्यक्ष और अन्य सक्रिय नक्सली शामिल हैं। इन सभी पर कुल मिलाकर 26 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण का मुख्य कारण जिले में तेजी से हो रहे विकास कार्य, सड़क निर्माण, गांवों तक पहुंच रही मूलभूत सुविधाएं और संगठन के भीतर बढ़ते मतभेद बताए गए हैं। स्थानीय युवाओं में संगठन के प्रति मोहभंग हो रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की नई पुनर्वास नीति ने नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में लौटने की उम्मीद दी है और संगठन के अंदर होने वाले शोषण और अमानवीय व्यवहार से मुक्ति का रास्ता दिखाया है।
सुरक्षा बलों द्वारा लगातार अंदरूनी क्षेत्रों में कैंप स्थापित करना और आक्रामक अभियान भी आत्मसमर्पण की एक बड़ी वजह बने हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख नक्सली इस प्रकार हैं:
- कमली हेमला उर्फ सोमे – पीएलजीए बटालियन नं. 1 का सदस्य (इनाम: ₹8 लाख)
- मुया माड़वी उर्फ राजेश – TSC अंतर्गत CRC कंपनी नं. 2 का सदस्य (इनाम: ₹8 लाख)
- सोनू ताती – पश्चिम बस्तर डिवीजन प्रेस टीम कमांडर (ACM, इनाम: ₹5 लाख)
- महेश पुनेम – पीएलजीए प्लाटून नं. 13 का सदस्य (इनाम: ₹5 लाख)
- बुधराम ताती उर्फ सुद्दू उर्फ गट्टा – मिलिशिया कंपनी डिप्टी कमांडर
- सन्नू हेमला – मिलिशिया कंपनी सदस्य
- सोमलू मड़कम उर्फ पटेल – कृषि शाखा अध्यक्ष
- हुंगा कुहराम उर्फ वड्डे उर्फ ओयाम – जनसंपर्क शाखा अध्यक्ष
- देवा माड़वी उर्फ बुड़ता – कृषि शाखा अध्यक्ष
- हुंगा कट्टम उर्फ बैदी – RPC मिलिशिया प्लाटून बी सेक्शन कमांडर
- पोज्जा बाड़से उर्फ जोगा, नंदा मड़कम, हुंगी कुंजाम, हड़मा पोड़ियम उर्फ उरपा – मिलिशिया प्लाटून सदस्य
- विज्जो कुंजाम, नरसी कट्टम, मोती सोढ़ी, कोसा पोड़ियम उर्फ लमड़ी कोसा – KAMS सदस्य/उपाध्यक्ष
- विजय मड़कम उर्फ विज्जा, बोदी कारम उर्फ करवे, कोसा मड़कम – CNM व संस्कृति शाखा के सदस्य
इन सभी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है, जो शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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