खैबर मिसाइलों से ‘दसवीं लहर’ का प्रहार
ईरानी मीडिया और IRGC के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह हमला ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ ऑपरेशन की दसवीं लहर का हिस्सा था। इसमें ईरान की सबसे घातक खैबर (Kheybar Shekan) बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। ईरान का दावा है कि इन मिसाइलों ने इजरायल के अभेद्य माने जाने वाले एयर डिफेंस सिस्टम को भेदते हुए सीधे सरकारी परिसरों पर प्रहार किया। हालांकि, इजरायली सेना (IDF) ने अभी तक प्रधानमंत्री कार्यालय को हुए किसी भी भौतिक नुकसान की पुष्टि नहीं की है, लेकिन यरूशलेम और तेल अवीव में भारी विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं।
“अपराधी यहूदी शासन के प्रधानमंत्री का कार्यालय और वायु सेना कमांडर का मुख्यालय हमारे सटीक हमलों की जद में थे। इस हमले ने दुश्मन के हौसले पस्त कर दिए हैं और अब नेतन्याहू का भाग्य उनके अपने हाथ में नहीं रहा।”
— IRGC जनसंपर्क विभाग, आधिकारिक बयान (Fars News Agency)
इस ताजा हमले के बाद इजरायल में इमरजेंसी प्रोटोकॉल को और सख्त कर दिया गया है। तेल अवीव और यरूशलेम के निवासियों को अगले 48 घंटों तक सुरक्षित बंकरों के करीब रहने की सलाह दी गई है। इजरायली एयरस्पेस को फिलहाल नागरिक उड़ानों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जवाबी कार्रवाई में, इजरायल ने तेहरान के ‘दिल’ यानी सरकारी और खुफिया ठिकानों पर Broad Strikes शुरू कर दी हैं। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी सोशल मीडिया अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सरकारी बुलेटिन का पालन करें।

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