दिल्ली। वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में रखी हर वस्तु सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। कई बार unknowingly हम अपने घर में ऐसी मूर्तियां या शोपीस रख देते हैं जो वास्तु के हिसाब से अशुभ माने जाते हैं। इन चीजों के कारण घर में कलह, आर्थिक संकट और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। आइए जानते हैं कि किन मूर्तियों को घर में रखने से बचना चाहिए—
🔹 1. टूटी या खंडित मूर्तियां
वास्तु के अनुसार किसी भी देवी-देवता की टूटी हुई या खंडित मूर्ति घर में रखना बहुत अशुभ माना जाता है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद हो सकते हैं। ऐसी मूर्तियों को तुरंत किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए।
🔹 2. रोते हुए बच्चे या दुखी व्यक्ति की मूर्ति
घर की सजावट के लिए कई लोग ऐसे शोपीस रखते हैं जिनमें कोई व्यक्ति दुखी या रोते हुए दिखाया गया होता है। वास्तु के अनुसार ऐसी मूर्तियां या पेंटिंग्स घर में उदासी और तनाव का वातावरण पैदा करती हैं।
🔹 3. जंगली जानवरों की मूर्तियां
शेर, बाघ या अन्य हिंसक जानवरों की मूर्तियां घर में रखने से आक्रामक ऊर्जा का संचार होता है। इससे घर के सदस्यों में गुस्सा और विवाद बढ़ सकता है।
🔹 4. नटराज की मूर्ति
हालांकि नटराज भगवान शिव का प्रतीक हैं, लेकिन वास्तुशास्त्र में इसे घर में नहीं रखने की सलाह दी जाती है। नटराज का रूप “तांडव” का प्रतीक है, जो विनाश का संकेत देता है। इसे केवल मंदिरों या कला दीर्घाओं में ही रखा जाना चाहिए।
🔹 5. युद्ध या हिंसा से जुड़ी मूर्तियां
युद्ध, शिकार या लड़ाई को दर्शाने वाली मूर्तियां भी घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलाती हैं। ऐसी वस्तुएं मानसिक तनाव और अस्थिरता को बढ़ा सकती हैं।
🔹 वास्तु विशेषज्ञों की सलाह
घर में हमेशा शांति और समृद्धि लाने के लिए शांत मुद्रा में भगवान विष्णु, लक्ष्मी, गणेश या बुद्ध की मूर्तियां रखनी चाहिए। इन्हें घर के उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
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Anil Dewangan
“प्रशासन और जनता के बीच का सेतु”
चॉइस एवं सामान्य सेवा सुविधाओं के माध्यम से जनसेवा ही मेरा मुख्य आधार है। एक वकील, संपादक और लेखक के रूप में मेरी भूमिका लाभार्जन के लिए नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और व्यवस्था को मजबूत करने के लिए है।

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