इस्लामाबाद/नई दिल्ली, 11 अप्रैल 2026: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति वार्ता की शुरुआत हो गई है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड Trump’ ने एक बार फिर अपने तीखे तेवरों से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने ईरान को एक ‘असफल देश’ (Failed State) करार देते हुए कहा है कि उसकी सैन्य शक्ति और अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ती है, तो ईरान के लिए हालात बदल सकते हैं।
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क्या: अमेरिका और ईरान के बीच आधिकारिक शांति वार्ता।
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कब: शनिवार, 11 अप्रैल 2026।
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कहाँ: इस्लामाबाद, पाकिस्तान (मध्यस्थ: प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ)।
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कौन: अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं, जबकि ईरान की ओर से विदेश मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
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क्यों: मध्य पूर्व में जारी युद्ध को रोकने और वैश्विक तेल आपूर्ति बहाल करने के लिए।
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कैसे: पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों पक्ष अलग-अलग और फिर संयुक्त रूप से चर्चा कर रहे हैं।
ट्रंप का ‘फेल्ड स्टेट’ वाला बयान और परमाणु शर्त
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक हालिया इंटरव्यू में दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना अब लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा, “ईरान अब एक असफल देश है, लेकिन हम उसे फिर से एक महान देश बनने का मौका दे सकते हैं। बस उन्हें परमाणु हथियार का विचार छोड़ना होगा।” ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता 99% केवल इस बात पर है कि ईरान के पास परमाणु बम न हो।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़ा रुख
वैश्विक तेल सप्लाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ट्रंप ने सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा:
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जलडमरूमध्य को जल्द ही हर हाल में खोला जाएगा।
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ईरान सहयोग करे या न करे, अमेरिका इसे “साफ” करने के लिए तैयार है।
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ट्रंप ने जोर देकर कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र है और ईरान को वहां ‘टोल टैक्स’ वसूलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इस्लामाबाद में वार्ता की मेज पर क्या है?
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस बातचीत को सफल बनाने में जुटे हैं। ईरान की प्रमुख मांगें और वार्ता के बिंदु इस प्रकार हैं:
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ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों (Assets) को अनफ्रीज करना।
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लेबनान में तुरंत युद्धविराम (Ceasefire)।
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नागरिक कार्यों के लिए परमाणु ऊर्जा के उपयोग की अनुमति।

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