Train Cancellation , रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के रायपुर मंडल में रेल यात्रियों के लिए असुविधाजनक खबर है। निपनिया-भाटापारा स्टेशनों के बीच ऑटोमेटिक सिग्नलिंग कमीशनिंग का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है, जिसके कारण रेल प्रशासन ने छत्तीसगढ़ से चलने वाली कुल 10 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। यह कार्य नॉन-इंटरकनेक्टिविटी के तहत किया जाएगा, जिसका सीधा असर रोजमर्रा के यात्रियों पर पड़ेगा।
कब-कब रहेंगी ट्रेनें कैंसिल?
रायपुर मंडल द्वारा जारी सूचना के अनुसार, ट्रेनों के रद्द होने की अवधि को दो भागों में बांटा गया है:
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6 से 7 दिसंबर तक: इस अवधि में 7 पैसेंजर (लोकल) ट्रेनें रद्द रहेंगी।
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7 से 8 दिसंबर तक: इस अवधि में 3 लोकल ट्रेनें रद्द रहेंगी।
रायपुर मंडल की 10 बड़ी कैंसिलेशन हेडलाइंस
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सिग्नलिंग कार्य के कारण बड़ा फैसला: रायपुर रेल मंडल की 10 लोकल ट्रेनों को किया गया रद्द।
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रोजाना सफर करने वाले यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित: बिलासपुर, कोरबा और रायपुर के बीच आवागमन में भारी परेशानी।
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निपनिया-भाटापारा सेक्शन पर फोकस: ऑटोमेटिक सिग्नलिंग कमीशनिंग का चल रहा है कार्य।
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6 और 7 दिसंबर को 7 ट्रेनें कैंसिल: लोकल रूट पर यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं।
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7 और 8 दिसंबर को भी 3 ट्रेनें रद्द: रेलवे ने जारी किया विस्तृत कैंसिलेशन शेड्यूल।
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सभी रद्द ट्रेनें पैसेंजर श्रेणी की: लंबी दूरी की ट्रेनों पर फिलहाल कोई असर नहीं।
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नॉन-इंटरकनेक्टिविटी के चलते परिचालन ठप्प: रेलवे ने मांगी यात्रियों से असुविधा के लिए क्षमा।
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बिलासपुर-रायपुर रूट पर आवाजाही प्रभावित: दैनिक यात्रियों को वैकल्पिक साधनों की तलाश।
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लोकल परिवहन व्यवस्था पर पड़ेगा अतिरिक्त भार: रद्द ट्रेनों के कारण सड़क मार्ग पर बढ़ेगी भीड़।
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रेलवे ने यात्रियों को दी सलाह: यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जाँच अवश्य कर लें।
रद्द होने वाली ट्रेनों की सूची
ये सभी ट्रेनें पैसेंजर श्रेणी की हैं जो बिलासपुर, कोरबा, और रायपुर के बीच चलती हैं। इस फैसले से विशेष रूप से उन यात्रियों को दिक्कत होगी जो नौकरी, व्यापार या शिक्षा के लिए इन मार्गों पर निर्भर रहते हैं।
यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
ट्रेनों के रद्द होने से सबसे बड़ी परेशानी दैनिक यात्रियों को होगी। बिलासपुर से रायपुर और कोरबा से रायपुर आने-जाने वाले यात्री सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अब बस या अन्य महंगी निजी परिवहन सेवाओं का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे उनका समय और पैसा दोनों अधिक खर्च होगा।
रेल प्रशासन का कहना है कि यह कार्य रेल सुरक्षा और भविष्य में बेहतर परिचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है, इसलिए यात्रियों से सहयोग की अपेक्षा है।



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