PM Modi’ नई दिल्ली। देश की प्रवेश परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और छात्र हितैषी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 6 विशेषज्ञों की उच्च स्तरीय परीक्षा सुधार टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स देशभर में आयोजित होने वाली प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करेगी और परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक सुधार के लिए सुझाव देगी। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाना और अभ्यर्थियों का विश्वास बढ़ाना है।
परीक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने पर रहेगा फोकस
टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य देश की प्रवेश परीक्षाओं को अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। विशेषज्ञ परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, डिजिटल निगरानी, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और मूल्यांकन प्रक्रिया का गहन अध्ययन करेंगे।
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इसके अलावा परीक्षा आयोजन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स और आधुनिक साइबर सुरक्षा तकनीकों के उपयोग पर भी विचार किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या लापरवाही की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
पेपर लीक और अनियमितताओं पर लगेगी रोक
हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामले सामने आने के बाद परीक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने विशेषज्ञों की इस टीम का गठन किया है।
टास्क फोर्स परीक्षा प्रक्रिया की कमजोरियों की पहचान करेगी और ऐसे उपाय सुझाएगी, जिनसे प्रश्नपत्रों की सुरक्षा मजबूत हो, परीक्षा केंद्रों की निगरानी बेहतर बने और उम्मीदवारों को निष्पक्ष माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिले।
छात्रों और विशेषज्ञों से भी लिए जाएंगे सुझाव
जानकारी के अनुसार, टास्क फोर्स केवल प्रशासनिक समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि छात्रों, शिक्षाविदों, परीक्षा विशेषज्ञों, विश्वविद्यालयों और अन्य संबंधित संस्थानों से भी सुझाव लेगी। इन सुझावों के आधार पर एक व्यापक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
रिपोर्ट में परीक्षा सुधार से जुड़े अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार के सुझाव शामिल किए जाने की संभावना है।
भविष्य की परीक्षाओं के लिए बनेगी नई रणनीति
विशेषज्ञों की यह टीम परीक्षा संचालन के हर चरण की समीक्षा करेगी, जिसमें पंजीकरण प्रक्रिया, परीक्षा केंद्रों का चयन, प्रश्नपत्र वितरण, डिजिटल सुरक्षा, मूल्यांकन प्रणाली और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया शामिल होगी।
सरकार का प्रयास है कि भविष्य में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाएं अधिक सुरक्षित, समयबद्ध और विश्वसनीय बनें, जिससे छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा और मजबूत हो।

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