नई दिल्ली/क्वेटा। पाकिस्तान का अशांत प्रांत बलूचिस्तान इस समय रणक्षेत्र बना हुआ है। प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने अपने ‘ऑपरेशन हेरोफ’ (Operation Herof) के दूसरे चरण के तहत पाकिस्तानी सेना पर अब तक का सबसे भीषण हमला किया है। विद्रोहियों का दावा है कि पिछले 40 घंटों से जारी इस जंग में उन्होंने पाकिस्तानी सेना, फ्रंटियर कोर और पुलिस के 200 से ज्यादा जवानों को ढेर कर दिया है।
ISI मुख्यालय पर महिला फिदायीन का हमला
इस ऑपरेशन की सबसे चौंकाने वाली बात महिला लड़ाकों की भागीदारी है। बीएलए के ‘मजीद ब्रिगेड’ की महिला फिदायीन आसिफा मेंगल ने नोश्की में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के मुख्यालय को विस्फोटक से लदी गाड़ी (VBIED) से निशाना बनाया। संगठन ने दावा किया है कि इस आत्मघाती हमले में सेना को भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा ग्वादर फ्रंट पर हवा बलूच नामक महिला लड़ाकू ने भी मोर्चा संभाला।
Sonbhadra Toll Plaza : टोल प्लाजा पर हंगामा सोनभद्र में महिला अधिवक्ता से मारपीट, वीडियो वायरल
14 जिलों में एक साथ कोहराम
बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच के अनुसार, यह हमला किसी एक जगह नहीं बल्कि पूरे बलूचिस्तान में फैला हुआ है:
-
घेराबंदी: क्वेटा, नोश्की, मस्तुंग, ग्वादर और पंजगुर समेत 14 जिलों में 48 अलग-अलग ठिकानों पर हमले किए गए।
-
बंधक: विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने सेना के 17 जवानों को जिंदा पकड़ लिया है।
-
जेल पर कब्जा: रिपोर्ट्स के अनुसार, बागियों ने एक सेंट्रल जेल पर कब्जा कर वहां बंद अपने साथियों को छुड़ाने का प्रयास किया है।
पाकिस्तानी सेना का पलटवार और विरोधाभासी दावे
जहाँ बीएलए 200 सैनिकों को मारने का दावा कर रहा है, वहीं पाकिस्तानी प्रशासन इन आंकड़ों को नकार रहा है।
-
अधिकारियों का पक्ष: बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने 17 सुरक्षाकर्मियों और 31 नागरिकों की मौत की पुष्टि की है।
-
जवाबी कार्रवाई: पाकिस्तानी सेना का दावा है कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई में अब तक 145 विद्रोहियों को मार गिराया है। हालांकि, बीएलए ने केवल अपने 18 लड़ाकों (जिनमें 11 फिदायीन शामिल हैं) की शहादत की बात मानी है।
‘ऑपरेशन हेरोफ’ क्या है?
‘हेरोफ’ का अर्थ बलूच भाषा में ‘काला तूफान’ या ‘तबाही’ से जोड़ा जाता है। इसका पहला चरण अगस्त 2024 में शुरू हुआ था। अब 31 जनवरी 2026 से शुरू हुआ इसका दूसरा चरण (2.0) पहले से कहीं अधिक घातक और संगठित बताया जा रहा है। विद्रोहियों का कहना है कि वे बलूचिस्तान की आजादी तक यह जंग जारी रखेंगे।
वर्तमान स्थिति: बलूचिस्तान के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू हेलीकॉप्टर गश्त कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर विद्रोहियों ने कई प्रमुख राजमार्गों को अभी भी ब्लॉक कर रखा है।

More Stories
Air Travel Will Be Expensive : 23 मार्च से घरेलू फ्लाइट्स के किराए पर लगी रोक हटी, मांग के हिसाब से कंपनियां तय करेंगी दाम
Justice Suryakant : CJI जस्टिस सूर्यकांत की दोटूक ‘न्याय प्रणाली को मजबूत करे AI, लेकिन जज की जगह न ले’; फैसले सुनाने में दखल बर्दाश्त नहीं
Global Terrorism Index 2026 : भारत में आतंकी घटनाओं में 43% की भारी कमी, पाकिस्तान दुनिया का नया ‘आतंकी गढ़’