नई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने न्यायपालिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका को लेकर एक महत्वपूर्ण विजन साझा किया है। एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए CJI ने स्पष्ट किया कि तकनीक का उपयोग न्याय वितरण प्रणाली (Justice Delivery System) की दक्षता बढ़ाने के लिए होना चाहिए, न कि मानवीय विवेक और न्यायिक निर्णयों के विकल्प के रूप में।
AI के लिए तय की गई ‘लक्ष्मण रेखा’
CJI सूर्यकांत ने तकनीक के उपयोग और उसकी सीमाओं पर जोर देते हुए तीन मुख्य बिंदु रखे:
मंत्री लालजीत भुल्लर का इस्तीफा, अधिकारी की खुदकुशी के बाद CM मान का बड़ा एक्शन
-
डेटा और रिकॉर्ड प्रबंधन: AI का सबसे बड़ा उपयोग अदालती दस्तावेजों के डिजिटलीकरण, केस फाइलों के प्रबंधन और पुराने रिकॉर्ड्स को सहेजने में होना चाहिए।
-
पैटर्न की पहचान: तकनीक के जरिए पुराने फैसलों के पैटर्न और कानूनी नजीरों (Precedents) को तेजी से खोजा जा सकता है, जिससे वकीलों और जजों का कीमती समय बचेगा।
-
फैसलों में दखल नहीं: CJI ने सख्त लहजे में कहा कि AI को फैसले सुनाने या कानूनी व्याख्या करने के काम में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। न्याय देना एक मानवीय संवेदना और विवेक का कार्य है, जिसे मशीन नहीं कर सकती।
“तकनीक सहायक हो, मालिक नहीं”
जस्टिस सूर्यकांत ने आगाह किया कि AI को इस तरह से सिस्टम में शामिल किया जाना चाहिए जिससे यह हमारी न्यायिक व्यवस्था को सशक्त करे। उन्होंने कहा:
“आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी उत्पादकता बढ़ा सकता है, लेकिन यह ‘संवैधानिक नैतिकता’ और ‘न्यायिक विवेक’ की जगह कभी नहीं ले सकता। तकनीक को हमारा सहायक होना चाहिए, मालिक नहीं।”
न्यायपालिका में AI के संभावित लाभ
सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों ने भी CJI के विचारों का समर्थन किया और AI के अन्य लाभ गिनाए:
-
केस लिस्टिंग: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से मुकदमों की लिस्टिंग को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाया जा सकता है।
-
अनुवाद की सुविधा: अदालती कार्यवाही और फैसलों का क्षेत्रीय भाषाओं में सटीक अनुवाद करने में AI गेम-चेंजर साबित हो रहा है।
-
लंबित मामलों में कमी: प्रशासनिक कार्यों में AI की मदद से क्लर्कियल गलतियों में कमी आएगी और केस फाइलिंग की प्रक्रिया तेज होगी।

More Stories
Major Accident Averted At The Airport : स्पाइसजेट और अकासा के विमान आपस में टकराए
Vinod Kambli की बिगड़ी सेहत, सचिन तेंदुलकर समेत कई दिग्गज मदद के लिए आगे आए
Women Reservation Bill : महिला आरक्षण बिल पर सियासत तेज, पीएम मोदी और विपक्ष आमने-सामने