बरेली/लखनऊ | शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान से आहत होकर अपने पद से इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) पर उत्तर प्रदेश शासन ने सख्त कार्रवाई की है। अनुशासनहीनता और सेवा नियमावली के उल्लंघन के आरोप में उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (Suspend) कर दिया गया है।
मामले की मुख्य बातें (Key Highlights):
-
बड़ी कार्रवाई: शासन ने सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया है।
-
जांच के आदेश: पूरे मामले की जांच बरेली की कमिश्नर सौम्या अग्रवाल को सौंपी गई है।
-
इस्तीफा अब तक नामंजूर: तकनीकी रूप से अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है, लेकिन निलंबन की कार्रवाई पहले कर दी गई है।
-
शंकराचार्य का प्रस्ताव: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सस्पेंडेड अफसर के समर्थन में बड़ा बयान देते हुए उन्हें ‘धर्म का बड़ा पद’ देने की बात कही है।
क्यों लिया गया एक्शन?
सूत्रों के मुताबिक, शासन ने माना है कि एक जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर रहते हुए इस तरह भावुक होकर इस्तीफा देना और उसे सोशल मीडिया या सार्वजनिक पटल पर लाना उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली का उल्लंघन है। इसी आधार पर उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है और विभागीय जांच (Departmental Inquiry) बैठा दी गई है।
क्या था पूरा मामला?
बीते दिनों शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बरेली पहुंचे थे। आरोप है कि प्रशासन द्वारा उन्हें वो प्रोटोकॉल या सम्मान नहीं दिया गया जिसके वे हकदार थे। इसी बात से आहत होकर सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया था कि “शंकराचार्य के अपमान के बाद वे इस पद पर नहीं रह सकते।” उन्होंने अपना इस्तीफा सीधे शासन को भेज दिया था।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान
मजिस्ट्रेट के सस्पेंड होने की खबर पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अधिकारी के साहस की सराहना की है।
“अलंकार अग्निहोत्री ने हमारे सम्मान के लिए प्रशासन का छोटा पद त्यागा है। हम उन्हें धर्म का इससे भी बड़ा पद देंगे। धर्म के लिए त्याग करने वालों का सम्मान हमेशा ऊंचा होता है।” — स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
आगे क्या?
फिलहाल अलंकार अग्निहोत्री सस्पेंड रहेंगे और कमिश्नर की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उन पर आगे की कार्रवाई या बहाली का फैसला लिया जाएगा। वहीं, शंकराचार्य के बयान ने इस प्रशासनिक मामले को अब धार्मिक और राजनीतिक रंग भी दे दिया है।

More Stories
Parliament Monsoon Session 2026: लोकसभा में आज एंटी पेपर लीक बिल पर घमासान, सरकार-विपक्ष आमने-सामने
PM Modi X Post Case: Delhi Police ने X से मांगी डिजिटल जानकारी, PM Modi पोस्ट केस में जांच तेज
मूंग खरीद को लेकर भोपाल में किसानों का बड़ा आंदोलन, 100% MSP खरीद की मांग पर हजारों किसान डटे, 7 दिन का राशन-पानी लेकर पहुंचे