दुर्ग पुलिस को दोहरे अंधे कत्ल सुलझाने में मिली बड़ी सफलता: प्रेम प्रसंग में हुआ महिला और बच्चे का हत्याकांड
दुर्ग: दुर्ग पुलिस ने रायपुर से सटे अमलेश्वर थाना क्षेत्र में हुए एक दोहरे अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है, जिसमें एक महिला और उसके बच्चे की निर्मम हत्या कर शवों को कुएं में फेंक दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी मृतिका का प्रेमी है।
घटना का खुलासा उस समय हुआ जब आज सुबह ग्राम खम्हरिया स्थित राधेलाल गायकवाड़ की बाड़ी में एक कुएं के अंदर साड़ी में लिपटा हुआ एक गट्ठर मिला, जिसमें से बदबू आ रही थी। उसे बाहर निकालने पर साड़ी में लिपटी और मिट्टी से भरी प्लास्टिक की बोरी के अंदर लगभग 8-10 वर्ष के एक अज्ञात बालक का शव मिला। इसके पास ही स्थित भगवान दास महिलांग की बाड़ी में एक अन्य कुएं के अंदर पानी में लाल रंग की साड़ी में लिपटा हुआ एक और गट्ठर मिला, जिसमें पत्थर बंधा हुआ था। इस प्लास्टिक की बोरी को बाहर निकालकर खोलने पर अंदर एक अज्ञात महिला का शव मिला, जिसके हाथ-पांव बंधे हुए थे और उसकी उम्र करीब 30-35 वर्ष थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल ने पतासाजी और विवेचना के लिए एसआईटी का गठन किया। ग्रामवासियों और आसपास के गांवों से मृतिका और मृतक बालक के संबंध में जानकारी जुटाई गई। मुखबिर से सूचना मिली कि एक अज्ञात महिला को एक-दो बार छत्रपाल सिंगौर के साथ आते-जाते देखा गया है। संदेही छत्रपाल सिंगौर को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने पहले गोलमोल जवाब दिए, लेकिन बाद में उसने सच्चाई कबूल कर ली।
आरोपी छत्रपाल ने बताया कि उसकी पहचान सुनीता चतुर्वेदी उर्फ पल्लवी से इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी, जो रायपुर में रहती थी। पहली मुलाकात महादेव घाट पर हुई। सुनीता ने उसे बताया था कि उसके पति का स्वर्गवास हो गया है और वह अपने 8 साल के बच्चे के साथ रायपुर में अपने माता-पिता के साथ रहती है। छत्रपाल ने उसे शादी करने और बच्चे को अपनाने का झांसा दिया और आए दिन उससे मिलता रहा व शारीरिक संबंध बनाता रहा। सुनीता बार-बार शादी करने और साथ रहने का दबाव बनाने लगी, जिस पर छत्रपाल उसे टालता रहा। डेढ़ माह पहले छत्रपाल ने किसी और महिला से शादी कर ली थी।
सुनीता द्वारा अपने बच्चे के साथ छत्रपाल के साथ रहने का लगातार दबाव बनाने पर, छत्रपाल ने अपने चचेरे भाई शुभम कुमार सिंगौर को इस बारे में बताया। 18 जून, 2025 को छत्रपाल ने शुभम को बताया कि सुनीता उसे बार-बार अपने बच्चे के साथ घर आने की बात कहती है और उसे रास्ते से हटाना है। दोनों भाइयों ने मिलकर सुनीता और उसके बच्चे की हत्या की योजना बनाई। छत्रपाल रायपुर से सुनीता और उसके बच्चे को अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी पर बैठाकर अपने गांव खम्हरिया लाया, जहां उसका चचेरा भाई शुभम कुमार उनका इंतजार कर रहा था। दोनों भाइयों ने मिलकर खेत में महिला और बच्चे का गला दबाकर हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से दोनों के शवों को अलग-अलग साड़ियों में लपेटकर बोरियों में डाला और पत्थर बांधकर अलग-अलग कुओं में फेंक दिया – मां को एक कुएं में और बच्चे को दूसरे कुएं में।
पतासाजी करने पर मृतिका और उसके बच्चे का थाना सिविल लाइन रायपुर जिला रायपुर में गुमइंसान क्रमांक 51/2025 के तहत गुमशुदगी दर्ज होना पाया गया। मृतिका के परिजनों ने शवों की पहचान की। अमलेश्वर थाना द्वारा आगे की कार्यवाही की जा रही है।
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी पाटन अनिल कुमार साहू, एसीसीयू से निरीक्षक प्रमोद कुमार रूसिया, सउनि नरेन्द्र सिंह राजपूत, प्रआर मेघराज चेलक, आरक्षक राजकुमार चंद्रा, अश्वनी यदु, वीरनारायण, विवेक यादव, अजय ढीमर, थाना अमलेश्वर से उप निरी0 दीनदयाल वर्मा, सउनि मानसिंह सोनवानी, प्रआर मनीष तिवारी, आरक्षक राकेश राजपूत, अजय सिंह, अमित यादव, चितरंजन प्रसाद देवांगन का विशेष योगदान रहा।
गिरफ्तार आरोपी:
* छत्रपाल सिंगौर पिता अजेन्द्र सिंगौर उम्र 26 वर्ष
* शुभम कुमार सिंगौर पिता विरेन्द्र सिंगौर उम्र 22 वर्ष



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