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April 28, 2026

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TCS केस’ धर्म परिवर्तन और नाम बदलकर ‘हानिया’ रखने का दबाव, मलेशिया भेजने की रची थी साजिश’ मुख्य आरोपी Nida Khan’ अभी भी फरार

नासिक : नासिक स्थित टीसीएस (TCS) कार्यालय में हुए उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। इस मामले में मुख्य आरोपी  Nida Khan’ को लेकर अब नए और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अभियोजन पक्ष ने नासिक की अदालत में जानकारी दी है कि आरोपी निदा खान ने पीड़िता पर इस्लाम अपनाने और अपना नाम बदलकर ‘हानिया’ रखने का भारी दबाव बनाया था।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, यह मामला केवल कार्यस्थल पर उत्पीड़न तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश की परतें खुल रही हैं।

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  • जबरन धर्म परिवर्तन का प्रयास: मुख्य आरोपी निदा खान पर आरोप है कि उसने पीड़िता को बुर्का और हिजाब पहनने के लिए मजबूर किया। उसे इस्लाम से जुड़ी धार्मिक किताबें दी गईं और उसके फोन में विशेष धार्मिक ऐप इंस्टॉल कराए गए थे, ताकि उसे धर्म परिवर्तन के लिए प्रभावित किया जा सके।

  • नाम बदलने की साजिश: पीड़िता को उसका नाम बदलकर ‘हानिया’ रखने का निर्देश दिया गया था। उसे घर ले जाकर नमाज पढ़ने और इस्लामी रीति-रिवाजों का पालन करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा था।

  • मलेशिया भेजने का प्लान: जांच में एक बेहद गंभीर बात सामने आई है—आरोपियों ने पीड़िता को विदेश भेजने की साजिश रची थी। उसे ‘इमरान’ नाम के एक व्यक्ति के जरिए नौकरी का झांसा देकर मलेशिया भेजने की योजना थी। इसके लिए पीड़िता के शैक्षिक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी छीन लिए गए थे।

पुलिस की गिरफ्त से दूर मुख्य आरोपी

इस मामले में पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) लगातार छापेमारी कर रही है। हालांकि, मुख्य आरोपी निदा खान अभी भी फरार है। पुलिस ने अदालत में तर्क दिया है कि उसकी हिरासत में पूछताछ बहुत जरूरी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे रैकेट के पीछे कौन से वित्तीय स्रोत और बाहरी ताकतें काम कर रही हैं।

  • कोर्ट में जमानत पर सुनवाई: निदा खान ने अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर अदालत ने अपना फैसला 2 मई तक सुरक्षित रख लिया है। पुलिस ने जमानत का पुरजोर विरोध किया है और कहा है कि बाहर आने पर वह गवाहों को प्रभावित कर सकती है।

केस की गंभीरता

टीसीएस नासिक मामले में अब तक कुल 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं। यह मामला महज उत्पीड़न का नहीं, बल्कि संगठित तरीके से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोपों से घिरा है। पीड़िता ने बताया कि आरोपी न केवल उसके धर्म का मजाक उड़ाते थे, बल्कि उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया जाता था।

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