Sudan Drone Attack: सूडान में जारी गृह युद्ध के बीच हिंसा की एक और गंभीर घटना सामने आई है। दक्षिण दारफुर के न्याला शहर में सोमवार शाम एक भीड़भाड़ वाले बाजार पर ड्रोन से हमला किया गया। इस हमले में 112 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। हमले के समय बाजार में आम नागरिक खरीदारी और नाश्ता कर रहे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, मानवाधिकार समूह ‘इमरजेंसी लॉयर्स’ ने मंगलवार को एक बयान जारी कर इस हमले की जानकारी दी। संगठन के अनुसार, ड्रोन हमले में न्याला के डुमाया इलाके में स्थित तनकोंग बाजार को निशाना बनाया गया।
बाजार में खरीदारी कर रहे थे लोग, तभी हुआ ड्रोन अटैक
रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के वक्त तनकोंग बाजार में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाजार में खरीदारी करने वाले नागरिकों के अलावा दुकानदार और खाने-पीने की दुकानों पर काम करने वाले लोग भी इसकी चपेट में आए।
दारफुर विक्टिम्स ऑर्गनाइजेशन के कार्यकारी निदेशक एडम मूसा ओबामा ने रेडियो तमाजुज को बताया कि उनके संगठन ने 14 नागरिकों की मौत का दस्तावेजीकरण किया है। इनमें 12 महिलाएं और 6 बच्चे शामिल बताए गए हैं। हालांकि, इन आंकड़ों में विसंगति है, क्योंकि बताई गई महिलाओं और बच्चों की कुल संख्या 14 से अधिक है। इसलिए इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
अस्पताल में 36 शव पहुंचे, 150 से ज्यादा घायल
अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा सहायता संगठन ‘डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ (MSF) ने बताया कि न्याला स्थित उसके सहयोगी अस्पताल में हमले के बाद 36 शव लाए गए। इसके अलावा, अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में 150 से अधिक घायल लोगों का इलाज किया गया।
MSF के मुताबिक, घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। कई लोगों को छर्रे लगने और गंभीर रूप से झुलसने जैसी चोटें आई हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए स्थानीय लोगों ने टुक-टुक और गाड़ियों का सहारा लिया।
वहीं, मानवाधिकार संगठन इमरजेंसी लॉयर्स ने 100 से अधिक लोगों की मौत और 113 लोगों के घायल होने की जानकारी दी है। अलग-अलग संगठनों के आंकड़ों में अंतर है। ऐसे में हमले में मारे गए लोगों की अंतिम संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
RSF ने सूडानी सेना पर लगाया आरोप
न्याला शहर पर अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) का नियंत्रण है। इस संगठन और उससे जुड़े अधिकारियों ने हमले के लिए सूडानी सशस्त्र बलों (SAF) को जिम्मेदार ठहराया है।
इमरजेंसी लॉयर्स ने भी सूडानी सेना पर आरोप लगाते हुए घटना की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। हालांकि, हमले में मारे गए लोगों की कुल संख्या और घटना से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सूडान में अप्रैल 2023 से सूडानी सेना और RSF के बीच संघर्ष जारी है। सत्ता को लेकर शुरू हुआ यह संघर्ष अब बड़े मानवीय संकट में बदल चुका है। दोनों पक्षों के बीच लड़ाई के कारण लाखों लोग विस्थापित हुए हैं और देश के कई हिस्सों में आम लोगों की जिंदगी प्रभावित हुई है।
सूडान में ड्रोन हमलों से बढ़ रहा नागरिकों की जान का खतरा
सूडान में जारी गृह युद्ध के दौरान ड्रोन हमले आम नागरिकों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। संघर्ष में सूडानी सेना और RSF दोनों ही ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन हमलों में बाजारों, रिहायशी इलाकों और जरूरी नागरिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं।
इससे पहले विवादित अब्येई क्षेत्र के अमिएट बाजार पर हुए ड्रोन हमले में भी 150 से अधिक लोगों की मौत की खबर आई थी। इस घटना के बाद सूडान में बढ़ती हिंसा और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरा गई है।
लगातार हो रहे हमलों के बीच मानवीय सहायता संगठनों ने आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया है। न्याला के बाजार पर हुआ ताजा हमला एक बार फिर दिखाता है कि सूडान के गृह युद्ध में आम लोगों को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

