रायपुर. शासकीयकरण और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर बीते 32 दिनों से हड़ताल पर बैठे पंचायत सचिवों ने अब अपनी राज्य स्तरीय हड़ताल को स्थगित करने का फैसला लिया है. छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ के कार्यकारी अध्यक्ष कोमल निषाद ने बताया कि पंचायत मंत्री विजय शर्मा से हुई बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया है.
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बता दें, 32 दिनों से प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में पंचायत सचिव धरने पर बैठे थे. साथ ही 28 अप्रैल को दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रदर्शन की तैयारी भी की गई थी. हालांकि, सरकार से हुई सकारात्मक बातचीत के बाद आंदोलन को फिलहाल रोक दिया गया है.
बताया गया है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा गठित कमेटी 2026 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करेगी, जिसके आधार पर पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाएगा. इसके अलावा, चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति के लिए नई मार्गदर्शिका भी जल्द जारी की जाएगी.
सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि वर्तमान में 15 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले सचिवों के वेतन सत्यापन से जुड़ी विसंगतियों को दूर किया जाएगा और आंदोलन की अवधि में रुका हुआ वेतन भी शीघ्र स्वीकृत किया जाएगा.
चार दिन तक चली चर्चा के बाद बनी इस सहमति को पंचायत सचिवों ने संघर्ष की आंशिक जीत मानते हुए हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया है.

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