नई दिल्ली/चेन्नई। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शुक्रवार को तमिलनाडु स्थित IIT मद्रास में एक कार्यक्रम के दौरान भारत की सुरक्षा नीति और आतंकवाद के मुद्दे पर स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत के कुछ पड़ोसी देश ऐसे हैं जो लगातार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं।
डॉ. जयशंकर ने कहा, “पड़ोसी बुरे भी हो सकते हैं, और दुर्भाग्य से हमारे हैं। अगर कोई देश जानबूझकर, लगातार और बिना किसी पछतावे के आतंकवाद को जारी रखता है, तो भारत को अपने लोगों को इससे बचाने का पूरा अधिकार है।”
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विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर किसी के दबाव में नहीं आएगा। उन्होंने कहा, “हमें कोई यह न बताए कि हमें क्या करना चाहिए। अपने नागरिकों की सुरक्षा करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।”
जयशंकर के इस बयान को भारत की कूटनीतिक नीति और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रुख के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने वैश्विक राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत की विदेश नीति पर भी विस्तार से बात की।
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेश मंत्री का यह बयान बदलते वैश्विक हालात और क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच भारत के मजबूत और आत्मनिर्भर दृष्टिकोण को दर्शाता है।

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