Sonam Wangchuk : नई दिल्ली/लेह। केंद्र सरकार ने लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को बड़ी राहत दी है। गृह मंत्रालय द्वारा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिति की समीक्षा के बाद उनकी हिरासत को तुरंत समाप्त करने का आदेश जारी किया गया है।
गृह मंत्रालय ने जारी किया बयान
शनिवार, 14 मार्च को जारी एक आधिकारिक बयान में गृह मंत्रालय ने कहा कि लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान परिस्थितियों का आकलन करने के बाद वांगचुक की हिरासत जारी रखने की आवश्यकता नहीं समझी गई है।
क्यों थे हिरासत में?
बता दें कि सोनम वांगचुक और उनके समर्थकों को पिछले दिनों दिल्ली की सीमा पर उस समय हिरासत में लिया गया था, जब वे लद्दाख को छठी अनुसूची (Sixth Schedule) में शामिल करने और राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर ‘दिल्ली चलो’ पदयात्रा पर थे। उनकी हिरासत को लेकर देशभर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।
लद्दाख में खुशी की लहर
वांगचुक की रिहाई की खबर मिलते ही लेह और कारगिल में उनके समर्थकों के बीच खुशी का माहौल है। स्थानीय नेताओं का मानना है कि यह सरकार की ओर से बातचीत की दिशा में एक सकारात्मक कदम हो सकता है।
-
प्रमुख मांगें: लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और पूर्ण राज्य का दर्जा।
-
अगला कदम: वांगचुक के करीबियों का कहना है कि वे रिहाई के बाद जल्द ही अपनी भविष्य की रणनीति और सरकार से संवाद पर बयान जारी करेंगे।
विपक्ष का दबाव और नागरिक एकजुटता
सोनम वांगचुक की हिरासत को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर था। कई नागरिक संगठनों और पर्यावरणविदों ने भी उनकी रिहाई की मांग करते हुए सोशल मीडिया पर अभियान चलाया था। माना जा रहा है कि बढ़ते सार्वजनिक दबाव और लद्दाख की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने यह सुधारात्मक कदम उठाया है।

More Stories
Trump Hormuz controversy : क्या सच में बदला ‘होर्मुज’ का नाम , वायरल दावे और ट्रंप की मौन सहमति ने दुनिया को किया हैरान
Crude Oil Price 120 Dollars : 4 साल का उच्चतम स्तर , 2022 के बाद पहली बार ब्रेंट क्रूड की कीमतों में दिखा इतना जबरदस्त उछाल
Hamas ‘पर इजरायल का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ खुफिया प्रमुख इयाद अहमद ढेर, 7 अक्टूबर के नरसंहार का था मास्टरमाइंड