School Ragging Case : अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय में छात्रों के साथ कथित रैगिंग और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि 12वीं कक्षा के कुछ छात्रों ने 11वीं कक्षा के दो छात्रों पर हमला कर दिया। लोहे के कड़े से सिर पर किए गए वार में दोनों छात्र घायल हो गए। घटना के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर समय रहते जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया है और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
लोहे के कड़े से सिर पर हमला करने का आरोप
जानकारी के अनुसार, प्रयास आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में 11वीं कक्षा के दो छात्रों के साथ कथित तौर पर रैगिंग के नाम पर मारपीट की गई। आरोप है कि 12वीं कक्षा के कुछ छात्रों ने दोनों जूनियर छात्रों के साथ विवाद किया और उन पर लोहे के कड़े से हमला कर दिया।
04 September 2026 Rashifal : भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि आज, जानिए अपना राशिफल
हमले में दोनों छात्रों के सिर पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद हॉस्टल और स्कूल परिसर में भी हड़कंप मच गया। घायल छात्रों को उपचार की आवश्यकता पड़ी।
पुलिस थाने पहुंचने पर परिजनों को मिली जानकारी
इस मामले में सबसे गंभीर आरोप स्कूल प्रबंधन की ओर से परिजनों को समय पर सूचना नहीं देने को लेकर लगाया गया है। बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी परिवार के लोगों को उस समय हुई, जब मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया।
परिजनों ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि उनके बच्चों के घायल होने के बावजूद उन्हें तत्काल सूचना क्यों नहीं दी गई। परिवारों का कहना है कि ऐसी गंभीर घटना की जानकारी स्कूल प्रबंधन को बिना देरी अभिभावकों तक पहुंचानी चाहिए थी।
परिजनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद घायल छात्रों के परिजन नाराज हो गए और मामले में दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना है कि आवासीय विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रबंधन की होती है।
उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
हॉस्टल में छात्रों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद प्रयास आवासीय विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। आवासीय विद्यालयों में छात्र लंबे समय तक हॉस्टल परिसर में रहते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा और निगरानी को लेकर विशेष व्यवस्था होना जरूरी माना जाता है।
रैगिंग या वरिष्ठ छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों के साथ हिंसा जैसी घटनाएं शिक्षा संस्थानों के लिए गंभीर चुनौती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों और हॉस्टलों में नियमित निगरानी के साथ शिकायतों के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए।

More Stories
Jhiram Ghati Case : झीरम हत्याकांड पर आज NIA कोर्ट सुनाएगी फैसला, पूर्व डिप्टी सीएम सिंहदेव ने घटना को लेकर फिर उठाए सवाल
Dearness Allowance Hike : छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर’ DA, बोनस और वेतन वृद्धि पर नागरिक आपूर्ति निगम का बड़ा फैसला
Land Registry Dispute : आदिवासी के नाम जमीन खरीदकर गैर-आदिवासी नहीं कर सकेंगे कब्जा, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला