रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय क्षेत्रों में सड़क किनारे व्यापार करने वालों के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के नगर निगम, नगरपालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति ठेला, गुमटी, फूड वैन या अन्य मोबाइल व्यापार नहीं चला सकेगा। इसके लिए राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ नगरपालिका (व्यापार अनुज्ञापन) नियम 2025’ की अधिसूचना जारी कर दी है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
नए नियमों के तहत अब सभी सड़क किनारे कारोबारियों और अस्थायी दुकानदारों को अपने व्यापार के लिए लाइसेंस (Trade License) लेना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनका व्यापारिक प्रतिष्ठान जब्त या बंद किया जा सकता है।
बिना लाइसेंस व्यापार करने पर सख्त कार्रवाई
अधिसूचना के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति को नगर निगम सीमा या नगरपालिका क्षेत्र में गुमटी, ठेला, फूड वैन, मोबाइल वैन या अस्थायी स्टॉल लगाकर व्यापार करने से पहले स्थानीय निकाय से अनुमति पत्र प्राप्त करना होगा।
यदि कोई व्यक्ति बिना लाइसेंस व्यापार करता पाया गया, तो संबंधित नगर निकाय अधिकारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ व्यापार बंद करने की कार्रवाई भी कर सकते हैं।
कैसे मिलेगा व्यापार का लाइसेंस
लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदक को संबंधित नगर निकाय कार्यालय में आवेदन जमा करना होगा। आवेदन में निम्नलिखित जानकारियां देना अनिवार्य होगी:
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व्यवसाय का नाम और प्रकार
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मालिक का नाम और पहचान पत्र
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व्यापारिक स्थल का पूरा पता
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सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का विवरण
नगर निगम या नगरपालिका अधिकारी आवेदन की जांच कर अनुमति पत्र जारी करेंगे।
फूड वैन और ठेले वालों पर भी लागू होंगे नियम
नए नियमों का असर विशेष रूप से उन व्यापारियों पर पड़ेगा जो फूड वैन, जूस सेंटर, मोबाइल टी-स्टॉल, और अन्य अस्थायी ठेले लगाकर व्यवसाय करते हैं। अब इन सभी को लाइसेंस प्राप्त करना जरूरी होगा।इससे एक ओर जहां व्यापार व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी, वहीं दूसरी ओर स्वच्छता और सुरक्षा के मानकों को भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
सरकार का उद्देश्य: व्यवस्था और स्वच्छता बनाए रखना
सरकार का कहना है कि इन नियमों को लागू करने का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में अतिक्रमण रोकना, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना और शहरों में स्वच्छता बनाए रखना है।साथ ही, इससे राजस्व संग्रह बढ़ेगा और सड़क किनारे व्यापार करने वालों को कानूनी पहचान भी मिलेगी।
क्या बोले अधिकारी
नगरीय प्रशासन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नए नियमों से शहरों में असंगठित व्यापार को संगठित ढांचे में लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला व्यापारियों और प्रशासन दोनों के हित में है, क्योंकि इससे भविष्य में किसी भी विवाद या कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

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