Raipur Central Jail , रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित सेंट्रल जेल से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। रेप के मामले में सजा काट रहे सजायाफ्ता कैदी दिनेश कुमार देशमुख की इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद जेल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक के परिजनों ने जेल प्रबंधन पर समय पर उचित इलाज न मिलने का गंभीर आरोप लगाया है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, कैदी दिनेश कुमार देशमुख को 26 दिसंबर को दुर्ग सेंट्रल जेल से रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया था। रायपुर जेल आने के कुछ ही दिनों बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। शुरुआत में सामान्य बीमारी मानकर जेल स्तर पर इलाज किया गया, लेकिन जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे अस्पताल रेफर किया गया।
बताया जा रहा है कि कैदी की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी, जिसके बाद उसे रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में भर्ती कराया गया। मेकाहारा अस्पताल में कई दिनों तक उसका इलाज चला, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान कैदी की मौत हो गई, जिससे जेल प्रशासन में भी हड़कंप मच गया।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते बेहतर इलाज और निगरानी मिलती, तो कैदी की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों का कहना है कि जेल प्रशासन ने कैदी की बिगड़ती तबीयत को गंभीरता से नहीं लिया और इलाज में लापरवाही बरती गई। इस कारण उनकी मौत हुई है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने कैदी की मौत को लेकर प्राथमिक जानकारी जेल विभाग को सौंप दी है। डॉक्टरों के अनुसार, मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

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