रायपुर/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर शायराना अंदाज में तंज कसा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए पीएम ने कहा कि कांग्रेस के दौर में बस्तर जैसे आदिवासी क्षेत्रों को केवल समस्याओं के नजरिए से देखा जाता था, लेकिन आज वही बस्तर अपनी कला, संस्कृति और ‘बस्तर ओलंपिक’ के जरिए नई पहचान बना रहा है।
शायराना तंज: “तुम दुनिया को कितना धोखा दोगे”
सदन में विपक्षी सांसदों के हंगामे और नारेबाजी के बीच पीएम मोदी ने विपक्ष की नीयत पर सवाल उठाते हुए एक शायरी पढ़ी:
“तुम दुनिया को कितना धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे।”
उन्होंने कहा कि विपक्ष सच्चाई का सामना करने से डरता है, इसीलिए जब सरकार अपनी उपलब्धियां गिनाती है, तो वे सदन से वॉकआउट कर जाते हैं।
बस्तर और आदिवासी समाज का गौरव
प्रधानमंत्री ने बस्तर का उदाहरण देते हुए कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्रियों के पुराने बयानों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा:
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नेहरू और इंदिरा का जिक्र: पीएम ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू और इंदिरा गांधी देश की बढ़ती जनसंख्या को ‘समस्या’ बताते थे। उनके लिए बस्तर जैसे क्षेत्र केवल पिछड़ेपन का प्रतीक थे।
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80 करोड़ समाधान: पीएम मोदी ने पलटवार करते हुए कहा, “उनके लिए जनता समस्या थी, लेकिन हमारे लिए 140 करोड़ देशवासी 140 करोड़ समाधान हैं। हमने बस्तर के युवाओं को बंदूक की जगह खेल (बस्तर ओलंपिक) और विकास के अवसर दिए हैं।”
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संवैधानिक सम्मान: पीएम ने कहा कि आज देश की राष्ट्रपति एक आदिवासी महिला हैं, जो पूरे देश का गौरव हैं, लेकिन विपक्ष ने उनके अभिभाषण के दौरान भी हंगामा कर आदिवासी समाज का अपमान किया है।
“कांग्रेस ने 11वें नंबर पर छोड़ा, हम तीसरे पर ले जा रहे”
अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में जब उन्हें सत्ता मिली, तब भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में 11वें स्थान पर थी और भ्रष्टाचार का बोलबाला था। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार की नीतियों के कारण भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनेगा।

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