PM Modi , गांधीनगर। भारत और जर्मनी के संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता शुरू हो गई है। यह मुलाकात न केवल रणनीतिक और आर्थिक सहयोग के लिहाज से अहम मानी जा रही है, बल्कि सांस्कृतिक और वैचारिक स्तर पर भी दोनों देशों की साझा सोच को दर्शाती है।
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सोमवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर ने सबसे पहले अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन किया। दोनों नेताओं ने गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और चरखे के प्रतीक सूत (धागा) को श्रद्धापूर्वक अर्पित किया। इस अवसर पर अहिंसा, शांति और सत्य के मूल्यों पर आधारित गांधी दर्शन की वैश्विक प्रासंगिकता पर भी चर्चा हुई।
साबरमती आश्रम के बाद दोनों नेताओं ने अहमदाबाद में पतंग उड़ाकर गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का भी अनुभव किया। इस अनौपचारिक क्षण ने भारत-जर्मनी मित्रता में आत्मीयता और सौहार्द का संदेश दिया। पतंग उड़ाने का यह दृश्य दोनों देशों के बीच खुले आकाश की तरह नए अवसरों और ऊंची उड़ान का प्रतीक माना जा रहा है।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर गांधीनगर पहुंचे, जहां महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता का आयोजन किया गया। वार्ता के दौरान व्यापार, निवेश, हरित ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, रक्षा सहयोग, तकनीक, स्टार्टअप्स और कौशल विकास जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो रही है। भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल में जर्मनी की भागीदारी को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच स्वच्छ ऊर्जा, हाइड्रोजन मिशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कई अहम समझौतों पर सहमति बन सकती है। इसके साथ ही वैश्विक मुद्दों जैसे अंतरराष्ट्रीय शांति, बहुपक्षीय सहयोग और वैश्विक आर्थिक स्थिरता पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।

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