Pandit Pradeep Mishra Shiv Katha : दंतेवाड़ा/गीदम: जिले के गीदम से लगे हारम में 7 दिसंबर से 13 दिसंबर तक पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा शिव महापुराण का विशाल धार्मिक आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार, हर दिन इस कार्यक्रम में एक से डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।इस धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। वहीं, हाल ही में सोशल मीडिया पर अफवाह फैल गई कि आयोजन समिति श्रद्धालुओं से 700 रुपए में पास बेच रही है और बिना पास के प्रवेश नहीं मिलेगा। हालांकि, आयोजकों ने इस अफवाह को पूरी तरह गलत बताया है।
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आयोजकों ने किया साफ-साफ बयान
आयोजन समिति के सदस्य अभिलाष तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि शिव महापुराण में आने वाले सभी श्रद्धालुओं की एंट्री फ्री है। उन्होंने कहा:
“शिव महापुराण में आने वाले किसी भी भक्त से पास के लिए एक रुपए भी नहीं लिया जा रहा है। यह एक धार्मिक आयोजन है और पूरे नगरवासियों के सहयोग से इसे सफल बनाया जा रहा है।”
अभिलाष तिवारी ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल धार्मिक अनुभव प्रदान करना है, बल्कि स्थानीय लोगों को धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से जोड़ना भी है।
धार्मिक और सामाजिक महत्व
अभिलाष तिवारी ने बताया कि गीदम क्षेत्र आदिवासी बहुल है और यहां के लोग सरल एवं सौम्य हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में धर्मांतरण की घटनाओं को देखते हुए शिव महापुराण का आयोजन किया जा रहा है।
“हमारा यह क्षेत्र शिवमय है। बारसूर से लेकर संभलूर तक सभी जगह सदियों पुराने शिव मंदिर हैं। इसलिए हम यहां के लोगों को धार्मिक रूप से जोड़ने और उन्हें अपने सांस्कृतिक मूल्यों से अवगत कराने के लिए शिव महापुराण करवा रहे हैं।”
इस धार्मिक आयोजन का उद्देश्य न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव देना है, बल्कि स्थानीय लोगों में धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूकता भी फैलाना है।
स्थानीय लोगों में बढ़ती दिलचस्पी
पंडित प्रदीप मिश्रा के शिव महापुराण की खबर फैलते ही आस-पास के गांवों के लोग भी इसमें शामिल होने के लिए उत्साहित हैं। आयोजक का कहना है कि यह आयोजन धार्मिक दृष्टि से तो महत्वपूर्ण है ही, साथ ही यह स्थानीय समुदाय को जोड़ने और सांस्कृतिक पहचान बनाए रखने में भी मदद करेगा। अभिलाष तिवारी ने कहा कि पूरे नगरवासियों के सहयोग से यह आयोजन संभव हो पाया है और सभी की भागीदारी इसे और भी सफल बनाएगी।
आयोजन की जानकारी
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तारीख: 7 दिसंबर 2025 से 13 दिसंबर 2025
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स्थान: गीदम से लगे हारम, दंतेवाड़ा
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मुख्य अतिथि: पंडित प्रदीप मिश्रा
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एंट्री: पूरी तरह से फ्री
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अनुमानित श्रद्धालु संख्या: हर दिन 1–1.5 लाख

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