रायपुर: छत्तीसगढ़ में बच्चों को पोषण देने के उद्देश्य से संचालित “गर्म भोजन योजना” में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। आरोप है कि इस योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या में जानबूझकर हेराफेरी कर करोड़ों रुपए का घोटाला किया गया।
सूत्रों के अनुसार, वास्तविक आंकड़ों से कहीं अधिक संख्या दर्शाकर फर्जी बिल बनाकर सरकारी धन का गबन किया गया है। हैरानी की बात यह है कि संबंधित विभागों के अधिकारियों ने इस पर चुप्पी साध रखी है और अब तक किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
यह मामला सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है ताकि दोषियों को सजा मिल सके और ऐसी योजनाओं में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके।

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