प्रयागराज, 19 फरवरी 2026: भारतीय रेलवे में कार्यरत हजारों कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। रेलवे बोर्ड ने विभागीय पदोन्नति की प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज और समयबद्ध बनाने के लिए ‘मॉडल सिलेक्शन कैलेंडर’ लागू कर दिया है। अब कर्मचारियों को प्रमोशन के लिए सालों-साल फाइलें आगे बढ़ने या परीक्षा होने का अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
क्या है नया ‘मॉडल सिलेक्शन कैलेंडर’?
रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अजय गोयल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट्स को अब एक तय समय सीमा (Deadline) के भीतर प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
कैलेंडर की मुख्य समय सीमा:
-
सामान्य चयन प्रक्रिया: नोटिफिकेशन जारी होने से लेकर फाइनल पैनल बनने तक का काम 45 से 60 दिनों के भीतर पूरा करना होगा।
-
सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (LDCE): इस कठिन और लंबी प्रक्रिया को भी अब अधिकतम 90 दिनों के भीतर संपन्न करना अनिवार्य होगा।
-
महीनेवार लक्ष्य: कैलेंडर में हर महीने के लिए अलग-अलग विभागों (सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, ट्रैफिक आदि) के लिए लक्ष्य तय किए गए हैं।
इन पदों पर होगा सबसे ज्यादा असर
कैलेंडर के अनुसार, साल के शुरुआती महीनों (जनवरी-फरवरी) में जूनियर इंजीनियर (JE), स्टेशन मास्टर और सेक्शन कंट्रोलर जैसे महत्वपूर्ण पदों के प्रमोशन पर फोकस किया जाएगा। वहीं, साल के मध्य में गुड्स ट्रेन मैनेजर, ट्रैक मशीन स्टाफ और अन्य तकनीकी संवर्गों की पदोन्नति प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है: “इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह है कि सभी जोन में परीक्षाएं एक साथ आयोजित की जा सकेंगी। इससे न केवल प्रशासनिक समय बचेगा, बल्कि कर्मचारियों को भी पहले से पता होगा कि उनकी परीक्षा और पैनल कब जारी होने वाला है।”

More Stories
Odisha Cargo Ship Sinks : पारादीप से सिंगापुर जा रहा मालवाहक जहाज समुद्र में डूबा, 24 क्रू मेंबर लापता
Israel Turkey Tension : नेतन्याहू के खिलाफ रेड नोटिस की मांग, तुर्किए ने 35 इजरायली अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
iPhone की जिद ने ली पूरे परिवार की जान, बेटे को बचाने की कोशिश में मां-बाप भी खाई में गिरे