Nirjala Ekadashi 2026 : नई दिल्ली। भगवान विष्णु को समर्पित निर्जला एकादशी हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक मानी जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से वर्षभर की सभी एकादशियों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। यही कारण है कि लाखों श्रद्धालु इस दिन उपवास रखकर भगवान विष्णु की आराधना करते हैं।

इस वर्ष निर्जला एकादशी 25 जून 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। खास बात यह है कि इस बार निर्जला एकादशी पर चार शुभ और दुर्लभ योगों का संयोग बन रहा है, जिससे यह दिन पूजा-पाठ, जप-तप, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत फलदायी माना जा रहा है।
निर्जला एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 24 जून 2026 को रात 8 बजकर 9 मिनट पर शुरू होगी और 25 जून 2026 को रात 9 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगी। चूंकि 25 जून को सूर्योदय के समय एकादशी तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए व्रत और पूजा इसी दिन की जाएगी।
निर्जला एकादशी पर बन रहे हैं 4 शुभ योग
इस बार निर्जला एकादशी पर चार अत्यंत शुभ और पवित्र योगों का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन योगों में भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप, व्रत, हवन और दान करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। ऐसे दुर्लभ संयोग धार्मिक कार्यों की सफलता और आध्यात्मिक उन्नति के लिए बेहद शुभ माने जाते हैं।
निर्जला एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, निर्जला एकादशी का व्रत बिना जल ग्रहण किए रखा जाता है। इसे सभी 24 एकादशियों में श्रेष्ठ माना गया है। कहा जाता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने और जरूरतमंदों को दान देने से पापों का नाश होता है तथा सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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क्या करें इस दिन?
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
विष्णु सहस्रनाम और गीता का पाठ करें।
गरीब और जरूरतमंद लोगों को जल, अन्न, वस्त्र और फल का दान दें।
तुलसी के पौधे में जल अर्पित कर दीपक जलाएं।
व्रत का पारण द्वादशी तिथि में विधिपूर्वक करें।
धार्मिक दृष्टि से निर्जला एकादशी 2026 का यह शुभ अवसर भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। चार शुभ योगों के संयोग में किए गए पूजा-पाठ और दान-पुण्य से कई गुना अधिक शुभ फल मिलने की मान्यता है।

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