अबूझमाड़ का ‘खिलाड़ी’ अब मुख्यधारा में
मल्लेश लंबे समय से उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ के इलाकों में सक्रिय था। वह कई बड़ी नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मल्लेश की गिरफ्तारी के लिए सुरक्षा बल वर्षों से जंगलों की खाक छान रहे थे। मल्लेश ने आत्मसमर्पण के दौरान बताया कि वह संगठन की खोखली विचारधारा और आंतरिक प्रताड़ना से तंग आ चुका था। उसके सरेंडर के बाद अब इस डिवीजन में केवल 23 सक्रिय सदस्य ही शेष रह गए हैं, जिससे माओवादी नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त होने की कगार पर है।
पुनर्वास नीति ‘पुना नर्कोम’ का दिख रहा असर
कांकेर पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारियों ने मल्लेश का स्वागत किया। उसे तत्काल सहायता राशि प्रदान की गई है। अधिकारियों का मानना है कि मल्लेश जैसे बड़े कैडर का बाहर आना अन्य सक्रिय नक्सलियों के लिए एक कड़ा संदेश है। बस्तर रेंज में चल रहे ‘पुना नर्कोम’ (नई सुबह) अभियान के तहत अब तक सैकड़ों नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़ चुके हैं।
आधिकारिक बयान: “नक्सलवाद के अंत की शुरुआत”
“मल्लेश का अपनी आधुनिक राइफल के साथ सरेंडर करना यह साबित करता है कि अब नक्सलियों का कैडर आधार कमजोर हो चुका है। हम अन्य सदस्यों से भी अपील करते हैं कि वे हथियार डालें और सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें।”
— आई.के. एलेसेला, पुलिस अधीक्षक (SP), कांकेर
मल्लेश के सरेंडर से कांकेर और नारायणपुर के सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय बाजारों और अंदरूनी इलाकों में अब विकास कार्यों की गति बढ़ने की उम्मीद है। सुरक्षा बलों ने उन 23 सक्रिय सदस्यों की तलाश में ‘सर्च ऑपरेशन’ और तेज कर दिया है जिनका जिक्र मल्लेश ने अपनी पूछताछ में किया है। प्रशासन ने 31 मार्च 2026 तक राज्य से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा है।

More Stories
CG NEWS : पूर्व महापौर पर गुंडागर्दी का आरोप’ युवक से मारपीट, CCTV फुटेज वायरल; पिता-पुत्र के खिलाफ केस दर्ज
CM के स्वागत में अव्यवस्था पर भड़के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कलेक्टर और एसपी को लगाई फटकार
Raipur Police Update: Law and Order Insights 01 June 2026 रायपुर पुलिस का महाअभियान: नए BNS और आबकारी एक्ट के तहत थानों में ताबड़तोड़ कार्रवाई, कई अपराधी गिरफ्तार