National Herald case : नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर चार्जशीट पर राउज एवेन्यू कोर्ट में आज सुनाया जाने वाला फैसला अब टल गया है। कोर्ट ने सुनवाई की नई तारीख 16 दिसंबर तय की है। पहले यह आदेश आज जारी होना था, लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसे आगे बढ़ा दिया गया।
क्या है नेशनल हेराल्ड मामला?
नेशनल हेराल्ड विवाद की जड़ें देश की आज़ादी से पहले के समय से जुड़ी हैं। 20 नवंबर 1937 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य विभिन्न भाषाओं में राष्ट्रीय सोच को आगे बढ़ाने वाले समाचार पत्रों का प्रकाशन करना था।
AJL के तहत तीन प्रमुख अख़बार प्रकाशित होते थे—
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नेशनल हेराल्ड (अंग्रेज़ी)
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नवजीवन (हिंदी)
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कौमी आवाज़ (उर्दू)
ED का आरोप है कि इन अख़बारों को चलाने वाली AJL की संपत्ति को गलत तरीके से यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर किया गया, जिससे बड़े वित्तीय लाभ उठाए गए। इसी को आधार बनाकर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की गई।
मामले में अगला कदम
अब राउज एवेन्यू कोर्ट 16 दिसंबर को यह तय करेगा कि ED द्वारा दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाए या नहीं। इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी काफ़ी हलचल बनी हुई है, क्योंकि यह मामला लंबे समय से सुर्खियों में है।

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