Nari Shakti Vandan : नई दिल्ली। देश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार अब नारी शक्ति वंदन अधिनियम को उसके वास्तविक स्वरूप में जल्द लागू करने की तैयारी में है। इसको लेकर 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ कराने का सुझाव सामने आया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के फ्लोर लीडर्स को पत्र लिखकर सभी राजनीतिक दलों से इस मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने महिला आरक्षण कानून में आवश्यक संशोधन को जल्द पारित कराने पर जोर दिया है, ताकि महिलाओं को समय पर राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिल सके।
16–18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र
सरकार ने इस अहम मुद्दे पर चर्चा और संशोधन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। इस दौरान महिला आरक्षण को जल्द लागू करने के लिए जरूरी बदलावों पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
बीजेपी ने जारी किया तीन लाइन का व्हिप
विशेष सत्र को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने सभी सांसदों के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। पार्टी ने निर्देश दिए हैं कि 16 से 18 अप्रैल तक सभी सांसदों की सदन में उपस्थिति अनिवार्य रहेगी।
साथ ही, किसी भी सांसद या केंद्रीय मंत्री को इस दौरान अवकाश नहीं दिया जाएगा और सभी को संसद की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
क्या है महिला आरक्षण कानून?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। कानून लागू होने के बाद लोकसभा की कुल सीटें बढ़कर 816 हो सकती हैं, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
अभी क्या है स्थिति?
मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, यह कानून 2027 की जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन (Delimitation) के बाद ही लागू हो सकता था। यानी वर्तमान व्यवस्था में इसका प्रभाव 2034 के बाद ही दिखता।
लेकिन अब सरकार इस प्रक्रिया को तेज करते हुए 2029 के लोकसभा चुनाव से ही महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
महिलाओं को मिलेगा बड़ा राजनीतिक प्रतिनिधित्व
अगर प्रस्तावित संशोधन पारित हो जाता है, तो देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इससे न सिर्फ संसद बल्कि राज्य विधानसभाओं में भी महिलाओं की भूमिका और प्रभाव मजबूत होगा।
About The Author
Anil Dewangan
“प्रशासन और जनता के बीच का सेतु”
चॉइस एवं सामान्य सेवा सुविधाओं के माध्यम से जनसेवा ही मेरा मुख्य आधार है। एक वकील, संपादक और लेखक के रूप में मेरी भूमिका लाभार्जन के लिए नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और व्यवस्था को मजबूत करने के लिए है।

More Stories
Indian shooter Jaspal Rana Passes Away : भारतीय निशानेबाजी जगत को बड़ा झटका’ दिग्गज शूटर और कोच जसपाल राणा का निधन
BREAKING NEWS : दिल्ली के तुगलकाबाद में भीषण आग’ तीन की मौत, छह झुलसे; छत के रास्ते किया गया रेस्क्यू
Diesel’ बिक्री पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला’ एक ग्राहक को 200 लीटर से ज्यादा नहीं मिलेगा ईंधन