Maoist Surrender , जगदलपुर। माओवादी गतिविधियों से लगातार प्रभावित रहने वाले तेलंगाना राज्य में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में शीर्ष नेतृत्व से जुड़े माओवादी एक साथ मुख्यधारा में लौटे हैं। तेलंगाना पुलिस के डीजीपी शिवधर रेड्डी के सामने कुल 37 माओवादियों ने औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण किया। इनमें से 3 सदस्य स्टेट कमेटी स्तर के हैं, जिन्हें संगठन का महत्वपूर्ण नेतृत्व माना जाता है।
MBBS Student Accident : डिमरापाल मेडिकल कॉलेज के दो छात्रों की सड़क दुर्घटना में मौत
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में कई ऐसे सदस्य हैं, जो लंबे समय से जंगलों में सक्रिय थे और बड़े हमलों तथा हिंसक घटनाओं में शामिल रहे थे। पिछले कुछ महीनों में पुलिस की लगातार दबाव रणनीतियों, तैनाती बढ़ने और विकास कार्यों के चलते माओवादी संगठन की पकड़ कमजोर हुई है। यही वजह है कि कई कैडर अब हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की ओर लौटना चाह रहे हैं।
डीजीपी शिवधर रेड्डी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में पुरुषों और महिलाओं की संख्या काफी अधिक है। इनमें कई प्लाटून कमांडर, दलम सदस्य और संगठन के मिलिट्री विंग से जुड़े सक्रिय नक्सली भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह आत्मसमर्पण न सिर्फ माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका है, बल्कि तेलंगाना में शांति स्थापना के प्रयासों को एक महत्वपूर्ण बढ़त भी देगा।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि स्टेट कमेटी के तीन शीर्ष सदस्यों का मुख्यधारा में लौटना संगठन की रणनीति, नेटवर्क और स्थानीय जनाधार पर बड़ा असर डाल सकता है। अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि आने वाले दिनों में कई और माओवादी हथियार छोड़कर समाज से जुड़ने का फैसला कर सकते हैं।
आत्मसमर्पण के दौरान पुलिस द्वारा सरकार की पुनर्वास नीति की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को राज्य सरकार की योजना के तहत सुरक्षा, आर्थिक सहायता और पुनर्वास समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
माओवादी हिंसा से प्रभावित इलाकों में भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में माओवादियों का आत्मसमर्पण क्षेत्र में शांति, विकास और सुरक्षा के लिए सकारात्मक संकेत है।
तेलंगाना पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे भी अभियान जारी रहेगा और संगठन में सक्रिय अन्य सदस्यों को भी हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह आत्मसमर्पण अभियान आने वाले समय में राज्य की सुरक्षा स्थिति में बड़ा बदलाव ला सकता है।
About The Author
Anil Dewangan
Anil Dewangan as a lawyer and entrepreneur, I provide information on services, important documents and contact sources to citizens in simple language.



More Stories
Train Cancellation News : 11–12 जनवरी को छत्तीसगढ़ में 8 पैसेंजर ट्रेनें रद्द, रेलवे ने जारी किया अलर्ट
Headache Reasons : दर्द की दवा नहीं, आदतों में सुधार है समाधान, क्यों बार-बार भारी हो रहा है आपका सिर
Financial Planning : 10 साल में एक करोड़ का जादुई आंकड़ा और उसकी हकीकत