इम्फाल/गुवाहाटी: मणिपुर में मई 2023 की जातीय हिंसा के दौरान सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई कुकी समुदाय की एक युवती ने 32 महीनों की जिंदगी की जंग हार गई। परिवार और समुदाय के अनुसार, उस भयावह घटना के बाद युवती कभी मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह उबर नहीं पाई।
परिवार ने बताया कि दुष्कर्म और किडनैपिंग के दौरान उसे गंभीर चोटें लगी थीं, और इसके बाद लगातार मानसिक तनाव और पीड़ा में जीवन यापन करना पड़ा। इलाज के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
कुकी समुदाय के संगठन इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने जानकारी दी कि युवती को बेहतर इलाज के लिए गुवाहाटी ले जाया गया था, लेकिन 10 जनवरी 2026 को उसने अंतिम सांस ली।
आईटीएलएफ और समुदाय ने इस घटना पर गहरी चिंता और शोक व्यक्त किया और सरकार से सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि जातीय हिंसा में महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों का शिकार बनना मानसिक स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है, जैसा इस दुखद मामले में देखा गया।
मणिपुर में हिंसा और इसके पीड़ितों के सुरक्षा उपायों को लेकर अब नई बहस शुरू हो गई है, और कई मानवाधिकार संगठन सरकार से सख्त कार्रवाई और पीड़ितों की सुरक्षा की अपील कर रहे हैं।



More Stories
Padma Awards 2026 : इन दिग्गज हस्तियों को मिलेगा देश का प्रतिष्ठित पद्म सम्मान
Tamil Language Martyrs Day : तमिल भाषा शहीद दिवस CM स्टालिन ने किया श्रद्धांजलि अर्पित
Trump Threat : अमेरिका-ईरान तनाव के बीच खामेनेई ने अपनाया बंकर का रास्ता, भारत को कहा धन्यवाद