कैसे हटा राष्ट्रपति शासन
मणिपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति और राजनीतिक अस्थिरता के चलते फरवरी 2025 में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। केंद्र सरकार हालात की लगातार समीक्षा कर रही थी। गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन के साथ ही राज्य में निर्वाचित सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया।
राष्ट्रपति शासन हटने की खबर के बाद इंफाल के राजभवन में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई। राजभवन के आसपास आवाजाही नियंत्रित रही।
BJP का सरकार बनाने का दावा
बुधवार को एनडीए विधायक दल के नेता वाई. खेमचंद सिंह ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की। उनके साथ एनडीए का प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा। इस दौरान खेमचंद सिंह ने राज्य में नई सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया। भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी ने बताया कि पार्टी और सहयोगी दलों के पास बहुमत का समर्थन है। सभी आवश्यक दस्तावेज राज्यपाल को सौंप दिए गए हैं।
आधिकारिक बयान
“राष्ट्रपति शासन समाप्त हो चुका है। एनडीए के पास बहुमत है और हमने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया है।”
— ए. शारदा देवी, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा मणिपुर
“संवैधानिक प्रक्रिया के तहत सभी दावों की जांच की जा रही है।”
— राजभवन सूत्र
आम लोगों पर क्या असर
राष्ट्रपति शासन हटने से राज्य में प्रशासनिक फैसलों की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है। विकास योजनाएं, भर्ती प्रक्रियाएं और लंबित नीतिगत फैसले अब नई सरकार के एजेंडे में होंगे। व्यापारियों और सरकारी कर्मचारियों को भी स्थिरता की उम्मीद है। हालांकि, राज्यपाल की ओर से अभी मुख्यमंत्री के शपथग्रहण की तारीख को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।



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