दिल्ली: राष्ट्र आज 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी 156वीं जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन कर रहा है। इसी के साथ, देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की भी 121वीं जयंती मनाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह दिल्ली में दोनों महान विभूतियों के समाधि स्थलों पर जाकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
Pahalgam Attack : स्वदेशी और स्वावलंबन: टैरिफ नीति के बीच वैश्विक निर्भरता को मजबूरी न बनने दें
राजघाट पर बापू को श्रद्धासुमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार सुबह सबसे पहले राजघाट पहुँचे। उन्होंने महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और बापू को नमन किया। राजघाट पर इस अवसर पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।
पीएम मोदी ने महात्मा गांधी के आदर्शों को याद करते हुए कहा कि उनके आदर्शों ने मानव इतिहास की दिशा को बदल दिया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि बापू ने दिखाया कि साहस और सादगी कैसे बड़े बदलाव ला सकते हैं और उनके आदर्श हमें एक विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी राजघाट पहुंचकर बापू को श्रद्धांजलि दी।
विजय घाट पर शास्त्री जी को नमन
राजघाट के बाद प्रधानमंत्री मोदी विजय घाट भी पहुँचे। उन्होंने भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।
पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह अनुकरणीय नेतृत्व, शक्ति और निर्णायक कार्रवाई के प्रतीक थे। उनका दिया गया अमर नारा ‘जय जवान, जय किसान’ आज भी हर भारतीय के दिल में गूंजता है और हमें एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रेरित करता रहता है।
2 अक्टूबर का यह दिन देश के इतिहास में विशेष महत्व रखता है, जब दो महान नेताओं के त्याग, सादगी और राष्ट्रीय समर्पण को एक साथ याद किया जाता है।

More Stories
Rajnath Singh Kargil Vijay Diwas Speech : द्रास से राजनाथ सिंह का पाकिस्तान पर निशाना, बोले- भारत तकनीक से आगे बढ़ रहा, पड़ोसी आतंकवाद में उलझा
Greater Noida STP tank accident : जहरीली गैस से सफाईकर्मी और गार्ड की मौत
27th Anniversary of the Kargil War : कारगिल विजय के 27 साल – जल, थल और नभ में पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर हुआ भारत