गैस वितरण रिकॉर्ड पर उठे सवाल
जांच टीम को गैस वितरण और दस्तावेजों में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद रिकॉर्ड खंगाले गए। शुरुआती जांच में कई एंट्री संदिग्ध बताई जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ उपभोक्ताओं के नाम पर सिलेंडर वितरण दिखाया गया, जबकि वास्तविक सप्लाई पर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस और विभागीय अधिकारियों की संयुक्त जांच के बाद कार्रवाई तेज हुई। शुक्रवार को पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग भी ले लिया क्योंकि हिरासत में लिए गए पंकज चंद्राकर पूर्व राज्यमंत्री पूरन चंद्राकर के दामाद बताए जा रहे हैं। कार्यालय के बाहर पूरे दिन हलचल बनी रही। लोग छोटे-छोटे समूह में जांच की चर्चा करते नजर आए। “जिस तरह लगातार अधिकारी अंदर-बाहर आ रहे थे, उससे साफ लग रहा था कि मामला बड़ा है,” एक स्थानीय व्यापारी ने कहा।
दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
जांच एजेंसियां अब वित्तीय रिकॉर्ड, सप्लाई डेटा और एजेंसी से जुड़े लेनदेन की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित अनियमितताओं का नेटवर्क कितना बड़ा था।

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