रायपुर, 14 अप्रैल – रायपुर जिले के तिल्दा, आरंग और अभनपुर क्षेत्र के कई गांवों में भूमि की अनियमित खरीद-बिक्री को लेकर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा कलेक्टर रायपुर को पत्र लिखा गया है। पत्र में मांग की गई है कि प्रस्तावित खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेलवे लाइन के संभावित विस्तार क्षेत्र में आने वाली भूमि की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित रेलवे परियोजना के कारण इन क्षेत्रों में अवैध और अनधिकृत भूमि सौदों की संभावना बढ़ गई है। यह देखा गया है कि परियोजना की जानकारी होने के बावजूद कुछ दलाल और लोग बिना किसी वैध अनुमति या कानूनी प्रक्रिया के तहत जमीन की खरीद में लिप्त हैं। इससे न केवल स्थानीय ग्रामीणों को भविष्य में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, बल्कि इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक परियोजना के क्रियान्वयन में भी बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।
रेलवे प्रशासन ने आग्रह किया है कि जब तक भूमि अधिग्रहण की अंतिम प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और सरकार द्वारा आवश्यक अधिसूचना जारी नहीं कर दी जाती, तब तक इन क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाए।
जिन गांवों में खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध की सिफारिश की गई है, उनमें आलेसुर, पचरी, छदिया, नहर डीह, पत्थरकुंडी, खरोरा, माट, बेलदारसिवनी, बुडेनी, खोली, टिकारी, दिघरी, नारा, रीवा, परसदा, उमरिया, गुजरा, धमनी, गनोद, खरखराडीह, नवागांव, तर्रा, थनौद, जामगांव, गिरहोली, बेलभाटा, उरला, अभनपुर, सारखी, कोलर, खोरपा, पालौद, खट्टी, परसदा शामिल हैं।
रेलवे ने यह स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक हित में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने और अधिसूचना जारी होने तक इन गांवों में किसी भी प्रकार के भूमि सौदों पर सख्ती से रोक लगाई जानी चाहिए।
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