जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के चशोती में शुक्रवार (14 अगस्त) को आई आपदा के बाद से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. अब तक 65 शव बरामद किए गए हैं. 107 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अधिकारियों का कहना है कि इस हादसे में बड़ी संख्या में लोग नदी में बह गए हैं, उनकी तलाश में दिक्कतें आ रही हैं.
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि किश्तवाड़ में 500 से ज्यादा लोग अब भी मलबे में हैं. कुछ अधिकारियों ने कहा कि हो सकता है कि 1000 लोग मलबे में दबे हों. ये गम का मौका है.
किश्तवाड़ में आई इस आपदा के बाद पीएम मोदी ने शुक्रवार (15 अगस्त) को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात की और हर संभव मदद का भरोसा दिया. पीएम ने जान गंवाने वाले परिवारों के प्रति संवेदना भी जताई.
इस हादसे की वजह से घाटी में स्वतंत्रता दिवस का समारोह भी फीका रहा. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में झंडा फहराया. उन्होंने इस मौके पर संबोधन में कहा कि किश्तवाड़ में कल हुई घटना में लोग मारे गए, 100 से जायदा घायल हुए और लापता लोगों के बारे में साफ कोई आंकड़ा नहीं मिला है.
जांच कराएंगे- उमर अब्दुल्ला
उमर अब्दुल्ला ने कहा, ”घटना की जांच होगी और क्या लापरवाही हुई? मौसम के बारे में पहले से पता था, लेकिन फिर भी घटना हुई. हमको इस सवाल का जवाब देना होगा.”
सीएम ने एक्स पर लिखा, ”मैं आज किश्तवाड़ के लिए रवाना हो जाऊंगा और कल सुबह-सुबह बादल फटने की त्रासदी वाले स्थान पर जाकर नुकसान का जायजा लूंगा. यहां मैं बचाव अभियान की समीक्षा करूंगा और यह आकलन करूंगा कि आगे और किस तरह की मदद की जरूरत है.”
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
वहीं मंत्री जावेद डार ने कहा कि 65 शव बरामद किए गए हैं. कई अभी भी लापता हैं. लापता लोगों की वास्तविक संख्या अभी भी स्पष्ट नहीं है. उन्होंने आगे कहा, “बचाव दल कल रात से ही घटनास्थल पर काम कर रहे हैं.”
रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय प्रशासन के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आर्मी के जवान जुटे हैं.

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