- डेथ टोल: महज 40 दिनों के अंदर 8,710 लोगों ने अपनी जान गंवाई।
- आक्रामक हमला: ड्रोन, मिसाइल और बमों ने कुल 43,000 बार लक्ष्य को निशाना बनाया।
- इंजरी रिपोर्ट: मैदान पर 40,000 से ज्यादा लोग बुरी तरह घायल हुए।
Israel Iran Missile Strikes , नई दिल्ली — मिडिल ईस्ट के मैदान पर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही खूनी जंग ने 40 दिन का सफर तय कर लिया है। यह कोई सामान्य मुकाबला नहीं था; यह आधुनिक इतिहास की सबसे विनाशकारी ‘फायरिंग’ थी। सीजफायर की घोषणा जरूर हुई है, लेकिन ‘अंपायर’ की इस सीटी के बाद भी छिटपुट हमले बंद नहीं हुए हैं। 17 देशों को अपनी चपेट में लेने वाला यह संघर्ष अब पूरे क्षेत्र के भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।
मैदान का ‘स्कोरबोर्ड’: तबाही के खौफनाक आंकड़े
इस जंग की इंटेंसिटी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आसमान से हर मिनट मौत बरस रही थी। औसतन हर दिन एक हजार से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन दागे गए। डिफेंस सिस्टम ने कई वार रोके, लेकिन फिर भी नुकसान का रन-रेट रिकॉर्ड स्तर पर रहा।
- कुल हमले: 43,000 (मिसाइल, ड्रोन और बम)
- कुल मौतें: 8,710 (खिलाड़ी और दर्शक सब चपेट में)
- घायल: 40,000+
- प्रभावित देश: 17 (पूरा रीजन ‘रेड जोन’ में)
“सीजफायर केवल कागज पर है। जमीन पर अभी भी धुआं उठ रहा है और मिसाइलों की गूंज पूरी तरह थमी नहीं है। यह 40 दिन का विनाश दशकों तक याद रखा जाएगा।” — रक्षा विशेषज्ञ, मिडिल ईस्ट डेस्क

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