ब्रिज के शीशे टूटे, लेकिन बुलंद रहा हौसला
शिपिंग डेटा और मरीन इंटेलिजेंस के मुताबिक, IRGC की गनबोट्स ने भारतीय सुपरटैंकर ‘सनमार हेराल्ड’ को घेर लिया था। बिना किसी रेडियो चेतावनी के उन पर गोलियां बरसाई गईं, जिससे जहाज के ब्रिज की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। उस वक्त समुद्र में जो दहशत थी, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है; इंजन की गूंज और गोलियों की आवाज़ के बीच भारतीय नाविकों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। ‘सनमार हेराल्ड’ के कप्तान ने तुरंत वीएचएफ (VHF) पर अपनी पहचान “INDIASHIPINDIACREW” के रूप में बदल दी ताकि ईरानी सेना को उनके तटस्थ होने का संकेत मिल सके।
भारत ने ईरान के राजदूत को किया तलब
नई दिल्ली में इस घटना के बाद रणनीतिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार देर शाम ईरानी राजदूत को तलब कर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। भारत ने साफ लहजे में कहा है कि व्यापारिक जहाजों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आप रणनीतिक तनाव को महसूस कर सकते हैं; एक तरफ ईरान का दावा है कि जब तक अमेरिका अपनी नाकाबंदी नहीं हटाता, वह होर्मुज को ‘लॉक’ रखेगा, वहीं भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए इस रास्ते को खुला रखने की मांग कर रहा है। 18 अप्रैल 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, यह इस साल की 10वीं ऐसी घटना है जब किसी भारतीय जहाज ने इस खतरनाक रास्ते को पार किया है।
“हमें रेडियो पर संदेश मिला—’हम ऑपरेशन कर रहे हैं, हम गोली मार देंगे और तुम्हें नष्ट कर देंगे।’ वह पल मौत के बेहद करीब था। शुक्र है कि हमारे चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं, लेकिन समुद्र अब पहले जैसा शांत नहीं रहा।”
— एक भारतीय नाविक, जो ‘सनमार हेराल्ड’ पर तैनात था
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का 20% तेल गुजरता है। ईरान की इस नई ‘घेराबंदी’ ने वैश्विक बाज़ार में हड़कंप मचा दिया है। यदि यह रणनीतिक गतिरोध जारी रहता है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं। ट्रम्प प्रशासन और ईरानी नेतृत्व के बीच अगली दौर की वार्ता बुधवार को होनी है, जो इस संकट का भविष्य तय करेगी। भारत अब अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए नौसेना के युद्धपोतों को एस्कॉर्ट के रूप में भेजने पर विचार कर रहा है।

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