नई दिल्ली। Iran-US Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच फिलहाल बड़े सैन्य टकराव की आशंका टलती दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान पर प्रस्तावित बड़े हमले को फिलहाल रोक दिया है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान और पश्चिम एशिया के कुछ देशों की ओर से समझौते का प्रस्ताव सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ईरान पर बड़े हमले के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन अब बातचीत के जरिए समाधान निकालने का मौका दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, प्रस्तावित समझौते की रूपरेखा में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलना और ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करना शामिल है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि इजराइल इस फैसले में अमेरिका के साथ है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि अंतिम समझौते पर दोनों पक्षों की औपचारिक सहमति कब तक बनती है।
सऊदी अरब ने भी जताई थी चिंता
इस घटनाक्रम के बीच रिपोर्टों में दावा किया गया कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से फोन पर बात की थी। बातचीत में ईरान पर संभावित बड़े हमले को टालने और संयम बरतने की अपील किए जाने की बात सामने आई।
होर्मुज स्ट्रेट पश्चिम एशिया का बेहद अहम समुद्री मार्ग है। यहां तनाव बढ़ने से तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति तथा अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर असर पड़ सकता है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट
1. अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में नागरिकों को दी अलर्ट रहने की सलाह
अमेरिकी विदेश विभाग ने पश्चिम एशिया में मौजूद अपने नागरिकों से सुरक्षा हालात बिगड़ने की स्थिति में क्षेत्र छोड़ने के लिए तैयार रहने को कहा है। नागरिकों को संभावित उड़ान रद्द होने, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा में व्यवधान के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
यह एडवाइजरी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव काफी बढ़ा हुआ है।
2. ईरान की चेतावनी- अमेरिकी हमले का देंगे जवाब
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अगर अमेरिका की ओर से सैन्य हमला किया जाता है तो ईरान जवाब देने के लिए तैयार है। तेहरान की ओर से लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि किसी भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा।
ऐसे में ट्रंप द्वारा हमले को फिलहाल रोकने की घोषणा के बावजूद क्षेत्र में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
3. इजराइल की रक्षा को लेकर अमेरिकी संसाधनों पर दबाव
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान के लगातार हमलों के बीच इजराइल की रक्षा के लिए अमेरिकी सैन्य संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने क्षेत्र में उपलब्ध नौसैनिक संसाधनों को लेकर पेंटागन के सामने चिंता जाहिर की है।
इस घटनाक्रम के बीच अमेरिका की सैन्य तैनाती और ईरान पर संभावित कार्रवाई को लेकर लगातार नजर रखी जा रही है।
4. जयशंकर ने ईरान से की कारोबारी जहाजों की सुरक्षा की अपील
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों और समुद्री व्यापार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत कर कारोबारी जहाजों और नाविकों को निशाना नहीं बनाने तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए भी अहम है क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाला समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा और व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
5. इजराइल में अमेरिकी रीफ्यूलिंग विमानों की तैनाती बढ़ने की खबर
इजराइली मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका बेन गुरियन एयरपोर्ट पर अतिरिक्त रीफ्यूलिंग विमान तैनात करने की तैयारी में है। रिपोर्टों में विमानों की संख्या बढ़ाकर करीब 40 किए जाने का दावा किया गया है।
रीफ्यूलिंग विमान लंबी दूरी तक सैन्य विमानों के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इनकी तैनाती को क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य तैयारियों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में शामिल है। इसके जरिए बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और LNG अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। इसलिए यहां किसी भी तरह की लंबी अवधि की नाकेबंदी या सैन्य तनाव से कच्चे तेल की कीमतों, शिपिंग लागत और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ सकता है।

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