मैदान पर चूके, अंदर बदला टोन
मैच खत्म हुआ। स्कोरबोर्ड ठंडा पड़ा था। लेकिन ड्रेसिंग रूम में गर्मी थी। हार्दिक पांड्या सीधे मुद्दे पर आए। कोई लंबा भाषण नहीं। बस साफ बात — या तो टीम एकजुट होकर लड़े, या फिर अलग-अलग रास्ता चुन ले। यह वही पल था, जहां कप्तान ने जिम्मेदारी खिलाड़ियों के सामने रख दी। बात हल्की नहीं थी। असर गहरा था।
मैच का टर्निंग पॉइंट
RCB के खिलाफ मुकाबले में एमआई ने शुरुआत ठीक की, लेकिन मिडिल ओवर्स में लय टूट गई।
- 18 रन की हार — मामूली दिखती है, लेकिन गेम हाथ से निकल चुका था
- डेथ ओवर्स में रन रोकने में नाकामी
- चेज के दौरान साझेदारी नहीं बन पाई
यहीं मैच पलटा। और यहीं से दबाव बढ़ा।
“या तो हम सब मिलकर लड़ेंगे, या फिर ये सीजन ऐसे ही निकल जाएगा। फैसला हमें करना है।” — Hardik Pandya, कप्तान मुंबई इंडियंस
तीन हार के बाद मुंबई इंडियंस पर दबाव साफ दिख रहा है। पॉइंट्स टेबल में स्थिति आसान नहीं रही। अब हर मैच अहम है। एक और हार — और प्लेऑफ की दौड़ मुश्किल हो सकती है। विश्लेषक मानते हैं — टीम को बॉलिंग डेथ ओवर्स और मिडिल ऑर्डर पर तुरंत काम करना होगा। रणनीति बदलनी होगी। प्लेइंग इलेवन पर भी सवाल उठ सकते हैं।

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